बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, जिन्ना समेत इन नेताओं का फूंका पुतला

अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय में जिन्ना की लगी तस्वीर पर मचे घमासान में यहां भी पुतला जलाया।

अम्बेडकर नगर. बजरंगदल के कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के समापन के बाद देश के विभाजन के जिम्मेदार मोहम्मद अली जिन्ना के साथ साथ आज़म खान, मुख्तार अंसारी , ओवैसी और स्थानीय पूर्व सपा विधायक अजीमुलहक के पुतले के साथ जमकर प्रदर्शन कर अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय में जिन्ना की लगी तस्वीर पर मचे घमासान में यहां भी पुतला जलाया।

प्रदर्शन में लाठी डंडों के साथ असलहों का भी हुआ प्रयोग

बजरंगदल कार्यकर्ताओं का हुजूम डिग्री कालेज से निकलकर जब टांडा घंटाघर की तरफ चला तो इस दौरान न सिर्फ नारेबाजी ही की जा रही थी बल्कि इन कार्यकर्ताओं के हाथों में डंडे और लाठियों के साथ साथ कई असलहे भी देखे गए और घंटाघर पर पुतला दहन के दौरान इन सबका काफी देर तक प्रदर्शन होता रहा। इस दौरान विहिप के प्रांत संगठन मंत्री भोलेन्द्र ने कहा कि बजरंगदल हमेशा इस बात का विरोध करता है। जिसमें हमें लगता है कि यह देश विरोधी है। हमें इस देश में वो कत्तई नहीं बर्दाश्त है, जिससे हमारे पूर्वजों का सम्मान प्रभावित होता है और हमारे आस्था को ठेस पहुंचती हो। उन्होंने कहाकि यह प्रतीक स्वरूप आंदोलन है और अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह रूप विकारल होगा। इस कार्यक्रम को बजरंगदल के श्याम बाबू व आलोक चौरसिया जिला सह संयोजक के नेतृत्व में किया गया। जिसमें सतीश मोदनवाल, महेश तिवारी, गौरव वर्मा, शक्ति , अभय, बलराम, अरविंद बृजेश, चन्द्र भान, गिरिश, जंगबाहादुर कनौजिया, राकेश गौर, दसरथ मांझी, अरविंद मांझी, रणजीत चौहान, अप्पू सोनी, राकेश सैनी, सूर्यजीत वर्मा, विवेक मोदनवाल, राधे, सुमित, अमित पटेल, संजय यादव, शैलेश यादव, मुन्ना मांझी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

रमजान के दौरान इस प्रदर्शन पर उठ रहे हैं सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से रमजान और ईद के त्योहार को सम्पन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए हैं। अम्बेडकर नगर जिले का टांडा कस्बा अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में बजरंग दल की तरफ से जिस तरह का प्रदर्शन किया गया, उसको लेकर कई राजनीतिक पार्टियों की तरफ से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि रमजान के महीने में जब सबकुछ शांतिपूर्वक सम्पन्न हो रहा है, ऐसे में इस तरह का प्रदर्शन माहौल को खराब भी कर सकता है। इस प्रदर्शन पर पुलिस की चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

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आकांक्षा सिंह Desk/Reporting
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