Happy teachers day 2019 : इन दिव्यांग महिला शिक्षा मित्रों के हौसले को देख रह जाएंगे हैरान

आमतौर पर हाथ पैर सलामत होने के बावजूद हर आदमी अपना काम करने में कई बार असमर्थ हो जाता है

By: Ruchi Sharma

Published: 05 Sep 2019, 05:16 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अम्बेडकर नगर. आमतौर पर हाथ पैर सलामत होने के बावजूद हर आदमी अपना काम करने में कई बार असमर्थ हो जाता है, ऐसे में पैर से पूरी तरह दिव्यांग कोई महिला अगर अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ साथ दूसरों का भी कार्य कर रही हो तो निश्चित तौर पर ऐसी महिला का सम्मान होना चाहिए। आज शिक्षक दिवस है और इस मौके पर हम दो ऐसी शिक्षा मित्रों से मिलवाते हैं, जो पैर से पूरी तरह दिव्यांग होने के बावजूद दो सरकारी विद्यालयों में अलग अलग पोस्ट होकर पूरे विद्यालय का शिक्षण कार्य अपने कंधे पर उठाए हुए हैं।


जिले का टांडा नगर क्षेत्र जहां दर्जन भर से अधिक परिषदीय विद्यालय वर्षों से कायम है, लेकिन मानक के अनुरूप इन विद्यालयों में शासन द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्राथमिक विद्यालय अहाता और प्राथमिक विद्यालय त्रिलोक नगर में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। इन दोनों विद्यालयों में दो महिला शिक्षामित्र मालती और गिरिजा देवी की नियुक्ति तीन साल से हुई। तब से ये दोनों महिलाएं विद्यालय का पूरा कार्यभार अपने जिम्मे लेकर गरीब बच्चों की पढाई बखूबी करा रही हैं। इन शिक्षा मित्रों का मानना है कि पूरे स्कूल के बच्चों को एक साथ अकेले पढ़ाना कठिन तो है, लेकिन वे लोग बच्चों की पढ़ाई का पूरा ध्यान रख रही हैं। इन दिव्यांग महिला शिक्षामित्रों के हौसले को देख सभी की नजरों में इनके प्रति सम्मान बढ़ जाता है।

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