पिटाई से नाराज डॉक्टरों ने दी सामूहिक इस्तीेफे की चेतावनी, डीएम ने बुलाई आपात बैठक

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक बुला ली है।

अम्बेडकर नगर. मरीज के तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच अब आये दिन विवाद और मारपीट की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि इलाज से नाराज मरीज के तीमारदार डॉक्टरों के साथ अभद्रता और मारपीट कर चुके हैं। ऐसा ही एक मामला अम्बेडकर नगर जिला चिकित्सालय का सामने आया है। जहां एक मरीज की मौत के बाद उसके तीमारदारों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी। जिसके कारण साथी चिकित्सक की पिटाई से नाराज जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने सामूहिक इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है और सोमवार से इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सहित अन्य सेवाओं को बंद रखने का ऐलान कर दिया है।


पिटाई से नाराज डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की है कि चिकित्सालय में 24 घण्टे सुरक्षा व्यवस्था दी जाय और मारपीट करने वालो पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई हो।

 

इसलिए तीमारदारों ने कर दी थी पिटाई

अम्बेडकर नगर के जिला चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी में बिच्छू काटने से भर्ती एक 8 वर्षीय बालक की मौत हो जाने के बाद, परिजनों और तीमारदारों ने इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक आर.पी. जायसवाल की पिटाई कर दी थी। इस घटना में तत्काल कोई कार्रवाई न होने से नाराज हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बैठक कर सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला किया है और सोमवार से हॉस्पिटल की सारी सेवाएं ठप कर देंगे। डॉक्टर एस.डी. मिश्रा ने कहा कि हमें मारापीटा जाएगा, तो हम इन परिस्थितयो में काम नही कर पाएंगे। हमारी पीड़ा को यदि शासन प्रशासन नहीं समझेगा तो पब्लिक को भी पीड़ा उठानी पड़ेगी। हमें सम्पूर्ण सुरक्षा नहीं मिलेगी तो हम काम नही कर पाएंगे। हमें 24 घण्टे सुरक्षा दी जाए। इमरजेंसी में हर समय 6 से 8 पुलिस वाले मौजूद रहें। डॉक्टर के साथ मारपीट करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

 

डॉक्टरों के इस निर्णय से सकते में प्रशासन

डॉक्टरों का आरोप है कि आए दिन किसी अनहोनी की स्थिति में मरीज के तीमारदार हॉस्पिटल के स्टाफ और डॉक्टरों के साथ अभद्रता और मारपीट करते रहते हैं। इस तरह के मामले हो जाने के बाद भी पुलिस और प्रशासन डॉक्टरों और हॉस्पिटल के स्टाफ की कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। पिटाई के बाद अब डॉक्टरों की साफ तौर पर मांग है कि प्रशासन उन्हें सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराए। वहीं डॉक्टरों के अचानक काम ठप्प कर देने और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन सकते में आ गया है और जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक बुला ली है। साथ ही डॉक्टरों को समझा बुझाकर काम पर वापस लौटने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है।

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned