तीन तलाक पीड़ित महिला बेटियों के साथ बैठी धरने पर, नहीं हो रही सुनवाई

तीन तलाक पीड़ित महिला बेटियों के साथ बैठी धरने पर, नही हो रही सुनवाई-

By: Ruchi Sharma

Updated: 20 Jul 2018, 02:54 PM IST

अम्बेडकर नगर. देश में तीन तलाक के खिलाफ उठी आवाज और सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद मुस्लिम महिलाओं के साथ यह अत्याचार अभी भी जारी है। जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव की एक महिला को उसके पति ने तलाक दे दिया और 1 जुलाई से अपने तीन बच्चों के साथ थाने से लेकर पुलिस अधिकारियों की चौखट पर न्याय के लिए दौड़ रही यह तीन तलाक से पीड़ित महिला को अभी तक न्याय नहीं मिल सका है, जिसके कारण वो दो दिनों से कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरने पर बैठी है। सरकार की मंशा ऐसी पीड़ित महिलाओं को मदद करने की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की कान पर जू नहीं रेंग रहा है।

17 साल बाद पति ने दे दिया तलाक

इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव की रहने वाली फूलजहां की शादी महेशपुर गांव निवासी रिजवान अहमद से आज से लगभग 17 वर्ष पूर्व हुई थी। पति और पत्नी के बीच हुए मामूली विवाद के कारण शादी के 17 वर्ष महिला के साथ गुजारने के बाद बीते 1 जुलाई को उसके पति रिजवान ने फूलजहां को एक बार मे ही तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया जिसकी शिकायत फूलजहां ने इब्राहिमपुर थाने से लेकर एसपी से लिखित रूप से की। न्याय की आस में फूलजहां थाने से लेकर एसपी दफ्तर पर कई बार फ़रियाद की। महिला थाने और डीएम से भी अपना दुखड़ा बयां किया, लेकिन नतीजा सिर्फ आश्वासनों तक रहा, कार्यवाही कुछ नहीं हुई और अंत मे थकहार कर न्याय की आस लेकर पहुँच गई जिला मुख्यालय, लेकिन इस बार भी जब कोई सुनवाई नही हुई तो यह महिला अपनी बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट गेट के सामने स्थित डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गई। महिला इस उम्मीद से यहां बैठी है कि उसे यहां से जरूर न्याय मिलेगा, लेकिन अभी तक सिर्फ उसे मायूसी ही हाँथ लगी है।

मासूम बेटा और बेटियां बेवजह पा रहे हैं सजा

माता पिता की लड़ाई में पिता द्वारा तलाक देने से इनके मासूम बेटे और बेटियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। तलाक से पीड़ित फूलजहां के साथ न्याय के लिए बैठी उसकी बेटियाँ कह रही है कि अब हम कैसे पढ़ेंगे ? कहाँ रहेंगे ? हमारे नाना की माली हालत अच्छी नहीं है और वे लोग हमारी कितनी मदद करेंगे। हमको न्याय चाहिए, हम लोग पढ़ेंगे-लिखेंगे और अच्छे से रहेंगे इसलिए हम लोगो को घर और पैसा चाहिए। दो दिनों से ये लोग यहाँ धरने पर बैठे है लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी इनके पास तक नहीं आया। बेटियां आरोप लगा रही हैं कि अब्बू के पास पैसा है वो थाने पर पैसा देकर मामला दबवा देते है। हम लोगो के पास पैसा नहीं है इसलिए हमारी कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अपनी बेबसी बयान करते हुए यह बेटियां कह रही हैं कि जब खाने को पैसा नहीं है तो हम लोग थाने पर कहाँ से पैसा देंगे।

पुलिस को मामले की नही है जानकारी

19 दिनों से पुलिस अधिकारियों की चौखट पर न्याय के दौड़ रही इस तलाकशुदा महिला के धरने पर बैठने तक की पुलिस को जानकारी नहीं है। मीडियाकर्मियों के सवाल पर जिले अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि मीडिया द्वारा जानकारी मिली है यदि तीन तलाक से ऐसी कोई महिला पीड़ित है तो उसके तह तक जाया जाएगा और उसे निश्चित न्याय मिलेगा

Ruchi Sharma
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