घाघरा की बाढ़ में इन गांवों में सबकुछ पानी-पानी, सरकार ने बढ़ाये मदद के हाथ

घाघरा नदी का जल स्तर लगातार दूसरी बार खतरे का निशान पार करके तबाही मचाये हुए है।

By: नितिन श्रीवास्तव

Published: 26 Aug 2020, 10:16 AM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अम्बेडकर नगर. घाघरा नदी का जल स्तर लगातार दूसरी बार खतरे का निशान पार करके तबाही मचाये हुए है। जिले की ठंड और आलापुर तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के कछार और दो धाराओं के बीच बसने वाले दो गांवों की आबादी बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। ऐसे में इन गांवों के लोगों के पास न तो खाने पीने का सामान बचा है और न ही जानवरों का चारा। खेती ही इन गांवों के आय का श्रोत है, जो पूरी तरह डूब चुकी है। हालत इतने बदत्तर हैं कि गांव के प्रत्येक घर मे पानी घुस गया है और घर मे रखे सारे समान डूब चुके है। लोग या तो मचान पर या फिर घर के अंदर तख्त पर जिंदगी बचाने को मजबूर हैं।

बाढ़ की इस विभीषिका का दंश झेल रहे लगभग एक हजार ऐसे परिवार जिनका बाढ़ से सबकुछ तबाह हो चुका है, इन तबाह और बर्बाद हुए परिवारों के जीवन यापन के लिए योगी सरकार ने हाथ बढ़ाया है और अपने अधिकारियों के जरिये बाढ़ पीड़ितों और उनके जानवरों के लिए मदद उपलब्ध करा रही है।

जिले के टांडा तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी की चपेट में आने से पांच गांवों के लगभग एक हजार परिवार बाढ़ से पीड़ित हैं। घाघरा नदी की दो जल धाराओं के बीच बसे इन गांवों में बाढ़ के पानी के घुसने से न सिर्फ हजारों बीघा धान की फसलें डूब गईं बल्कि लोगों के घरों में पानी घुसने से घरों में रखे अनाज और पशुओं का चारा भी बर्बाद हो गया। बाढ़ पीड़ितों को राहत पंहुचाने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है , सरकार की तरफ से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ साथ पशुओं के लिए चारे का भी वितरण किया गया। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित मांझा उल्टहवा, मांझा फूलपुर, मांझा चिंतौरा, मांझा कला और मांझा अवसान पुर के बाढ़ पीड़ितों को राहत वितरण के लिए एसडीएम टांडा अभिषेक पाठक के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने घाघरा नदी के तटबन्ध पर राहत सामग्री का वितरण कर रही है।

एसडीएम अभिषेक पाठक ने बताया कि टांडा तहसील के पांच गांव बाढ़ से पीड़ित हैं, जहां कुल 9 सौ से अधिक परिवारों में 6 सौ से अधिक परिवार को राहत सामग्री का दुबारा वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर बाढ़ से प्रभावित गांवों में प्रशासन सतर्क दृष्टि बनाये हुए है ,राहत सामग्री पाकर बाढ़ पीड़ितों में खुशी की लहर है और ये लोग सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं।

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