गरीबों के अनाज पर ऐसे डाका डाल रहे हैं खाद्यान्न माफिया

Ruchi Sharma

Updated: 08 Jul 2019, 01:56:50 PM (IST)

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अम्बेडकर नगर. सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम इसलिए लेकर आयी थी कि गरीबों को सस्ते दाम पर राशन मिलेगा और वे भूखे न रहें, लेकिन अब सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम खाद्यान्य गरीबों के बजाय माफियाओं के लिए मुफीद साबित हो रही है। गरीबों को मिलाने वाला राशन पर खाद्यान्य माफियाओं का डाका पड़ रहा है, राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का ऐसा काकस है कि लाभार्थी दाने दाने को मोहताज हैं और खाद्यान्न माफिया मौज काट रहे हैं, जबकि अधिकारी इन सबसे अनजान अपनी ही धुन में मस्त हैं।


जिले के भीटी तहसील क्षेत्र के बीबी पुर गांव की जो तश्वीरें सामने आई हैं, उसमें गरीब ग्रामीणों के निवाले पर खाद्यान्य माफिया डाका डाल रहें है। इस गांव की गरीब बस्ती सरकारी दूकान से मिलने वाले राशन और मिट्टी के तेल के लिए तरस रही है। बता दें कि 400 से 500 आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर मजदूरी करने वाले और छप्परों में रहने वाले हैं। इस ग्राम में अभी बिजली भी नहीं पहुंची है। ग्रामीणों को मिट्टी के तेल का ही सहारा रहता है | सरकार ने इन ग्रामीणों के राशन कार्ड तो बना दिए पर उन पार मिलने वाला अनाज अधिकारियों की मिली भगत से खाद्यान्न माफिया डकार रहे हैं। अगर कोई ग्रामीण कोटेदार के यहां राशन लेने जाता है तो वो उसे भगा देता है।

शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं अधिकारी

बार बार अधिकारियों का चक्कर लगा चुके परेशान इन ग्रामीणों के गांव में पहुंचकर उनसे बात की गई तो ग्रामीणों को लगा की अब उनकी परेशानी सुन ली जाएगी और ये गरीब ग्रामीण अपनी सारी परेशानियां बताने लगे। 70 साल की जामवती देवी भी अपना राशन कार्ड लेकर हमारे पास आयी और बताया कि अब हमें दूसरों का ही सहारा है, कोटेदार तीन महीने से राशन और मिट्टी का तेल हमें नहीं दिया है। दूसरा अगर हमें खाने को दे देता है तो खा लेती हूं। वही गांव की दूसरी बुजुर्ग महिला किताबुन्निशा ने भी बताया कि कोटेदार राशन नहीं देता, किसी तरह मजदूरी करके पेट भरा जा रहा है।


जब गांव के प्रधान से बात की गई तो उन्होंने बताया की कोटेदार खुले आम इन गरीबों के अनाज पर डाका डाल रहा है और कार्ड धारकों को राशन न देकर भगा देता है। ग्राम प्रधान ने बताया कि हमने और ग्रामवाशियों ने हर अधिकारी से इसकी शिकायत की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। कई महीनो से कोटेदार ने इन ग्रामीणों को राशन और मिट्टी का तेल नहीं दे रहा है , उन्होंने बताया कि हमने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी पर इसका भी कोई असर नहीं हुआ और कोटेदार और अधिकारी की मिली भगत से इन गरीब ग्रामीणों के निवाले पर डाका डाल रहें है।

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