घाघरा नदी की बाढ़ से टापू बने गांव, लोगों ने तटबंध पर शरण लेना किया शुरु

बाढ़ पीड़ितों को घाघरा के कहर से बचाने के लिए सरकार पूरी तरह मुश्तैद दिखाई पड़ रही है।

By: नितिन श्रीवास्तव

Updated: 26 Aug 2020, 01:53 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अम्बेडकर नगर. घाघरा नदी में बाढ़ के कारण टापू बने गांवों से लोग अब गांव छोड़ कर घाघरा नदी के तट बंध पर शरण लेना शुरु कर दिया है। नदी का जलस्तर तो धीरे धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी बाढ़ से प्रभावित गांवों में पानी पूरी तरह घुसा पड़ा है और लोग मजबूरी एवम लाचारी में घर छोड़कर नाव के सहारे गांव छोड़ रहे है। बाढ़ से प्रभावित लगभग एक हजार परिवारों को न तो ढंग से खाने को मिल पा रहा है और न ही जानवरों को चारा। गांव छोडकर लोग इधर उधर भटक रहे हैं।

बाढ़ पीड़ितों को घाघरा के कहर से बचाने के लिए सरकार पूरी तरह मुश्तैद दिखाई पड़ रही है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री तो मुहैया कराई ही जा रही है, साथ ही गांव से लोगों के निकालने के लिए नावों के प्रबंध भी किये गए हैं। जिले के आलापुर और टांडा तहसील क्षेत्र के लगभग दर्जन भर गांवों में बढ़ का पानी घुसा हुआ है। अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और सभी तैयारी पूरी है। किसी भी विषम परिस्थिति में बाढ़ पीड़ितों की मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों के बाद यह स्थिति हुई है जब इतने लंबे समय तक बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस हुआ है।

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