घर में घुसकर महिलाओं के साथ घिनौनी हरकत करने वाला दबंग दरोगा ऐसे आया कानून की गिरफ्त में

घर में घुसकर महिलाओं के साथ घिनौनी हरकत करने वाला दबंग दरोगा ऐसे आया कानून की गिरफ्त में

Ruchi Sharma | Publish: Sep, 16 2018 12:30:44 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 12:30:45 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

घर में घुसकर महिलाओं के साथ घिनौनी हरकत करने वाला दबंग दरोगा ऐसे आया कानून की गिरफ्त में

अम्बेडकर नगर. समाज में व्याप्त भय को दूर करने और आम लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, लेकिन अगर यही पुलिस रक्षक से भक्षक बन जाये तो फिर जन सामान्य का जीवन संकटमय होना लाजिमी है। ऐसा ही एक मामला जिले के जहांगीर गंज थाना क्षेत्र का सामने आया है, जिसमें गत 18 जून को तत्कालीन जहांगीरगंज थानाध्यक्ष संतोष सिंह विशेन ने क्षेत्र के सुजावल पुर गांव में पहुंचकर एक घर की महिलाओं के साथ जमकर अभद्रता और गाली गलौज करते हुए न सिर्फ मारा पीटा बल्कि आरोप है कि घर की महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने के साथ ही घर तीन महिलाओं और कई नाबालिग बच्चों, जिसमें सबसे छोटा चार साल का है , को लाकर थाने के लॉकअप में बंद कर दिया था। अब इस मामले में महिला की शिकायत पर मुख्य दंडाधिकारी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष सिंह विशेन और उनके साथ गए पांच सिपाहियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है।

इस वजह से दिखाई थी महिलाओं और बच्चों पर हनक

जहांगीरगंज थानाक्षेत्र के सुजावल पुर गांव में गांव के निवासी रामबूझ का उसके पड़ोसी से रास्ते को लेकर कोई विवाद था, जिसमें रामबूझ का पड़ोसी रास्ता बंद कराने के लिए रामबूझ के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। आरोप है कि इसी मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष सिंह विशेन ने राम बूझ के पड़ोसी से पैसा ले लिया और अपने हमराह सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच कर रास्ता बंद करा दिए साथ ही राम बूझ की तलाश करने उसके घर पहुंच गए और राम बूझ के न मिलने पर थानाध्यक्ष और उनके हमराह सिपाहियों द्वारा घिनौनी हरकतें की गईं।

न्यायालय के सामने महिला ने लगाई गुहार

पुलिसिया उत्पीड़न की जो कहानी सामने आई है, उसके अनुसार रामबूझब के घर पर न मिलने के बाद उनकी पत्नी सुनीता देवी से पूछताछ में थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने पहले तो उनको गालियां दी और बाद में रामबूझ को तलाशने के लिए घर में घुसने लगे, जिस पर सुनीता देवी ने घर में बहुओं के होने का हवाला देकर घर के अंदर जाने से रोकना चाहा , लेकिन वे गाली देते हुए सिपाहियों के साथ अंदर घुस गए अंदर महिलाओं के साथ अभद्रता करने के साथ ही उनके कपड़ों से भी छेड़छाड़ की साथ ही घर के अंदर मौजूद बक्से की तलाशी में बक्से में रखा 25 हजार रुपये भी निकाल लिए साथ ही सुनीता सहित तीन महिलाओं और चार नाबालिग बच्चों को थाने लाकर हवालात में ठूंस दिया और रातभर टाने में बंद रखने के बाद दूसरे दिन सभी महिलाओं को शांति भंग करने के आरोप में चालान कर दिया। शिकायत यह भी है कि हवालात में बंद करने के दौरान थानाध्यक्ष ने महिलाओं और बच्चों को पानी तक नही पीने दिया और जून महीने में बच्चे रातभर पानी के लिए बिलखते रहे।

न्यायालय के आदेश पर मचा हड़कम्प

थानाध्यक्ष संतोष सिंह द्वारा अमानवीय ढंग से महिलाओं और बच्चों के साथ किये गए बर्ताव की शिकायत महिला सुनीता देवी ने उसी समय पुलिस अधीक्षक से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न किये जाने के कारण महिला इस मामले की शिकायत मुख्य दंडाधिकारी के न्यायालय पर करते हुए आरोपी दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की फरियाद की, जिसमें सुनवाई करते हुए मामला संज्ञेय अपराध का पाए जाने के बाद न्यायालय ने थानाध्यक्ष जहांगीर गंज को तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष सिंह विशेन सिपाही सुनील कुमार व देवानन्द तथा 3-4 अन्य सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। मुख्य दंडाधिकारी के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है।

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