मंहगाई की मार ने यहां बुनकरों की तोड़ी कमर, पावर लूम हुए ठप्प

मंहगाई की मार ने यहां बुनकरों की तोड़ी कमर, पावर लूम हुए ठप्प

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 10 2018 03:54:55 PM (IST) | Updated: Sep, 10 2018 05:43:52 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

अम्बेडकर नगर में धागे के दामों में बेतहाशा बृद्धि से पावर लूम संचालकों की कमर टूट गई है। जिसकी वजह से बुनकरों के पावर लूम ठप्प हो गए हैं।

अम्बेडकर नगर. एक तरफ योगी सरकार सरकार पूरे प्रदेश के 25 जिलों को एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत जिले के विशेष उद्योग को बढ़ावा देने का अभियान चला रही है, जिसमें अम्बेडकर नगर को भी कपड़ा उत्पादन के रूप में चयनित कर इस उद्योग को बढ़ाने योजना तैयार की है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोलियम पदार्थों में जबरदस्त मंहगाई के कारण धागे के दामों में बेतहाशा बृद्धि से पावर लूम संचालकों की कमर टूट गई है। जिसकी वजह से बुनकरों के पावर लूम ठप्प हो गए हैं।

कैसे सफल होगा एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम

अम्बेडकर नगर जिला एक बुनकर बाहुल्य जिला है, जिसके टांडा, इलतेफात गंज, हंसवर, भूलेपुर, शहजाद पुर, जलालपुर और नेवारी जैसे कस्बों और गांवों में एक लाख से अधिक पावर लूम पर लाखों। मीटर कपड़ा तैयार होता है। इन पावर लूम पर हजारों गरीब मजदूरों को रोजगार मिला हुआ था। जिले में कपड़ा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत चयनित किया है, लेकिन सरकार की सहूलियतें अभी बुनकरों को मिलना शुरू भी नहीं हुई थी कि इन दिनों पेट्रोलियम पदार्थों में लगातार हुई वृद्धि से धागों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। जिसके कारण यहां तैयार होने वाले कपड़े की मांग कम हो गई है और अधिकांश पावरलूम ठप्प पड़ गए हैं।

स्थिति न सुधरी तो बढ़ेगा पलायन

जिले के कपड़ा उद्योग में यहां के हजारों युवा जुड़े हुए हैं और इनकी रोजी रोटी का पर्याप्त अवसर यहां उपलब्ध होने लगा था। कुछ वर्षों से यहां के बेरोजगार युवाओं का पलायन रुका हुआ था, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो एक बार फिर से पलायन जैसी समस्या इस जिले में बढ़ जाएगी।

बड़े आंदोलन की तैयारी में बुनकर

धागे की कीमतों में 35 से 40 रुपए प्रति किलो दाम बढ़ जाने से तैयार होने वाले कपड़े के दामों में भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है और प्रति मीटर इन कपड़ों की लागत भी तीन से चार रुपए बढ़ गई है। लागत बढ़ने से बुनकरों का कपड़ा महंगा पड़ने लगा है और इसी कारण बाहर के व्यापारी जिले में बने खासकर टांडा के कपड़ों को नहीं खरीद रहे हैं। इसके अलावा बिजली विभाग की तरफ चलाए जा रहे अभियान ने भी यहां के बुनकरों को परेशान करके रख दिया है। इन्हीं समस्याओं के निराकरण के लिए बुनकरों की तरफ बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है।

बुनकर एकता विकास परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद कासिम अंसारी ने बताया कि धागे की महंगाई के कारण बुनकरों के पावर लूम ठप्प हो रहे हैं और इसी वजह से आएदिन बुनकरों के सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो रही है।

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