दो एसडीएम समेत इन राजस्व अधिकारियों पर गिर सकती है गाज, राजस्व परिषद ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

दो एसडीएम समेत इन राजस्व अधिकारियों पर गिर सकती है गाज, राजस्व परिषद ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

Nitin Srivastava | Publish: Feb, 15 2018 08:37:54 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

इन अधिकारियों पर लापरवाही का है आरोप...

अम्बेडकर नगर. प्रदेश में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों को लेकर लगातार सरकार और राजस्व परिषद की तरफ से निर्देश जारी होते रहते हैं। यहां तक कि प्रत्येक माह में मुकदमों के होने वाले निस्तारण का डाटा भी राजस्व परिषद भेजना सभी राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों के लिए जरूरी है। प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों पर लंबित ऐसे वाद जो पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं उनके शीघ्र निस्तारण के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मुकदमों में पारदर्शिता के लिए कंप्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन सुनवाई की जाने वाली पत्रावलियों की तिथि आन लाइन निर्धारित करने के साथ ही पत्रावलियों की आर्डर शीट को भी राजस्व न्यायालयों के लिए बनाए गए पोर्टल से डाउनलोड करके उसी पर आदेश पारित करने का सख्त निर्देश हैं।

 

राजस्व परिषद का कड़ा रुख

राजस्व न्यायालयों के इन्हीं निर्देशों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के लिए राजस्व परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिले की आलापुर तहसील में तैनात एस डी एम राज मुनि यादव, जलालपुर एस डी एम राम शंकर, जलालपुर तहसीलदार सुदामा वर्मा, अकबरपुर तहसीलदार न्यायिक श्रीमती रानी गरिमा जायसवाल व टाण्डा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार जनार्दन के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी हुई है।


इन अधिकारियों पर लापरवाही का है आरोप

मुकदमे के निस्तारण को लेकर शासन द्वारा कंप्यूटरीकरण करते हुए जो व्यवस्था दी गई है, उसके अनुसार पुराने लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण किया जाना है। साथ ही राजस्व विभाग के वेब पोर्टल से ऑर्डर शीट डाउनलोड करके कोई भी आर्डर उसी आर्डर शीट पर लिखना है, लेकिन इन अधिकारियों की तरफ से लगातार न्यायालय के कार्यों में शिथिलता बरतने के साथ ही न्यायालय पर बैठकर काम न करने के अलावा न्यायिक कार्यों के लिए जारी निर्देश के अनुसार काम न किये जाने को लेकर अनुभाग-12 राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसके बाद से जिले के राजस्व महकमे में खलबली मच गई है। माना यह जा रहा है कि अगर समय रहते इन अधिकारियों ने संतोष जनक जवाब न दिया तो राजस्व परिषद की तरफ से इन पर गाज गिरना तय है।

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