शहर की जमीन को अपना बताकर ले लिए 36 लाख, जब सामने आई ये सच्चाई तो व्यवसायी के उड़ गए होश

शहर की जमीन को अपना बताकर ले लिए 36 लाख, जब सामने आई ये सच्चाई तो व्यवसायी के उड़ गए होश

Ram Prawesh Wishwakarma | Publish: Feb, 07 2019 09:25:58 PM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

कोतवाली में दर्ज कराई मामले की रिपोर्ट, जांच में जमीन के संबंध में नजून न्यायालय से मिली ये जानकारी

अंबिकापुर. शासकीय भूमि को अपनी भूमि बताकर एक व्यवसायी को बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामले में आरोपी ने जमीन के नाम पर 36 लाख रुपए भी ले लिए हंै। व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा का जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।


देवीगंज मार्ग यशोदा लॉज के सामने रहने वाले 50 वर्षीय सुनील सिंह पिता आरपी सिंह बरेजपारा निवासी ४२ वर्षीय दिनेश अग्रवाल पिता बालकिशन अग्रवाल से नवापारा की शासकीय भूमि क्रमांक 1/1 का 10 डिसमिल भूमि को अपना बताकर 36 लाख रुपए में बिक्री करने का सौदा तय किया था।

सुनील सिंह ने 14 मई 2013 को दिनेश अग्रवाल से 2 लाख, 18 मई को 3 लाख रुपए, 25 अप्रैल को 17 लाख रुपए, इस प्रकार कुल 22 लाख रुपए प्राप्त कर अनुबंध पत्र निष्पादित किया था और शेष राशि नजूल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद दिए जाने का वादा किया था।

इस बीच पारिवारिक जरूरत बताकर सुनील सिंह ने दिनेश अग्रवाल से 14 जून 2013 को ३ लाख रुपए व 25 अक्टूबर को 3 लाख रुपए व 26 अक्टूबर को 8 लाख रुपए प्राप्त कर लिया और शेष 9 लाख रुपए नजूल न्यायालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने व पंजीबद्ध विक्रय पत्र निष्पादित करने के बाद देने को कहा।

राशि प्राप्त करने के बाद भी सुनील सिंह हमेशा व्यवसायी को कहता था कि एक-दो माह में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद विक्रय पत्र निष्पादित कर दूंगा।

लेकिन काफी दिन होने के बाद भी जब सुनील सिंह विक्रय पत्र निष्पादित करने में आनाकानी करता रहा तो दिनेश अग्रवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत की। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया है।


नजूल न्यायालय से मिली ठगी की जानकारी
सुनील सिंह बार-बार विक्रय पत्र निष्पादित करने में आनाकानी कर रहा था, तो दिनेश अग्रवाल ने नजूल अधिकारी के पास पहुंच पूरी जानकारी ली। नजूल अधिकारी ने दिनेश अग्रवाल को बताया कि जो अनुबंध पत्र आप दिखा रहे हैं वह भूमि शासकीय है।

इसकी जानकारी जब राजस्व निरीक्षक से ली गई तो उन्होंने भी अनुबंधित भूमि को शासकीय बताया। इसके बाद उसने कई बार सुनील सिंह से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात तक नहीं की।


अनुबंध पत्र व पावती की पेश
व्यवसायी दिनेश अग्रवाल ने सुनील सिंह द्वारा समय-समय पर ली गई रकम के संबंध में दी गई पावती भी पुलिस के समक्ष पेश की। इसके साथ ही अनुबंध पत्र भी पेश किया। पुलिस ने 36 लाख की ठगी का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

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