ऑफिसर ने जारी किया फरमान, हीटर-सिगड़ी जलाते पकड़े जाने पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना

एसईसीएल बैकुंठपुर एरिया के महाप्रबंधक ने कालोनियों का किया निरीक्षण, गंदगी फैलाने वालों पर दिखाई सख्ती

By: rampravesh vishwakarma

Updated: 05 Jan 2018, 10:07 AM IST

चरचा कालरी. एसईसीएल बैकुंठपुर एरिया के महाप्रबंधक ने स्टाफ कॉलोनियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलोनी में गंदगी फैलाने और हीटर-सिगड़ी जलाने पर ५ हजार रुपए जुर्माना वसूलने का फरमान जारी किया है।


महाप्रबंधक जेपी द्विवेदी ने कहा कि एसईसीएल प्रबंधन ने कॉलोनियों को साफ-सुथरा और कांक्रीट से ढलाई कर ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित कर दिया है। श्रमिक आवास के आस-पास जरा सी भी गंदगी नहीं होनी चाहिए। एसईसीएल के क्वार्टर में सिगड़ी व हीटर जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि कॉलरी कर्मचारियों को हर महीने एक गैस सिलेंडर नि:शुल्क दिया जाता है। बावजूद कुछ लोग हीटर से खाना बनाते हैं और सिगड़ी जलाकर गंदगी फैलाते हैं। हीटर-सिगड़ी जलाते समय पकड़े जाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने प्रबंधन की यह कार्य शैली निसंदेह प्रभावी हो सकती है।

लेकिन समय समय पर औचक निरीक्षण किया जाए। महाप्रबंधक द्विवेदी, उपमहाप्रबंधक बीके जेना ने डिसेंट हाउसिंग के तहत निर्माण कार्यों की जांच व श्रमिकों की समस्याओं की जानकारी ली। चरचा आरओ कालरी क्षेत्र अंतर्गत अंबेडकर नगर के आवासों का औचक निरीक्षण किया गया।

आला अधिकारी के अचानक पहुंचने से कॉलोनी के श्रमिक व परिजन आश्चर्यचकित रह गए। जांच के दौरान कुछ आवासों में 100 वाट के बल्ब दिन में भी जलते पाए गए। मामले में उन्होंने जमकर फटकार लगाई और बल्ब को जब्त कर सीएफएल लगवाया।

इस अवसर परविजय शंकर ओझा कार्मिक अधिकारी चरचा आरओ, रियाज अहमद श्रमिक नेता एटक यूनियन, के संखिया सिविल इंजीनियर, बीएस चौहान, अमृता सिंह, श्यामा नागवंशी, रामचरित्र सुरक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


रजिस्टर में समस्याएं दर्ज होंगी
महाप्रबंधक ने श्रमिक श्यामलाल सहित आधा दर्जन श्रमिकों के घर पहुंचकर उनका हाल-चाल जाना और समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं निरीक्षण व क्रियान्वयन को अमलीजामा पहनाने के लिए एक रजिस्टर बनवाया गया है। इसमें श्रमिक के नाम, आवास क्रमांक व समस्या को लिखकर निराकरण के बाद श्रमिकों से हस्ताक्षर कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य श्रमिक आवासों को सर्वसुविधायुक्त बनाकर जीरो डिफेक्ट स्कीम कार्य परिणित करना है। आवासों में छोटी सी कमी की जानकारी दी जा सकती है। इससे समस्याओं के निदान के लिए श्रमिकों को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और समाधान भी तत्काल हो जाएगा।

rampravesh vishwakarma Desk
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