पटवारी ने किसान को सरकारी रेकॉर्ड में घोषित कर दिया मृत, अब खुद को जिंदा साबित करने दफ्तरों के काट रहा चक्कर

Alive farmer dead: प्रशासनिक सिस्टम की बड़ी लापरवाही (Negligence) से किसान है परेशान, मृत घोषित होने के कारण खरीदी केंद्र (Purchase center) में नहीं बेच पा रहा धान

By: rampravesh vishwakarma

Published: 26 Dec 2020, 09:15 PM IST

अंबिकापुर. सरगुजा में प्रशासनिक सिस्टम (Administration system) में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सरकारी दस्तावेज में एक जीवित किसान को मृत (Alive farmer dead) घोषित कर दिया गया, अब वह धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है।

मामला लखनपुर ब्लॉक का है। जहां पटवारी (Patwari) ने किसान को सरकारी रेकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया अब वह किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।


लखनपुर ब्लाक के ग्राम इरगवां निवासी सोमार साय पिता जगमोहन साय उस वक्त हैरान (Shocked) रह गया जब वह धान बेचने के लिए धान खरीदी केंद्र टोकन कटवाने पहुंचा था। उसे पता चला कि सोसायटी में उसका तो नाम ही नहीं है और पटवारी ने उसे मृत (Dead) घोषित कर दिया है जिस वजह से उसका पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।

यह सुन किसान हैरान हो गया। अब उसे धान बेचने की चिंता सताने लगी। उसने बारिश के दिनों में खेतों में जी तोड़ मेहनत कर धान उपजाया था।


जिन्दा घोषित करने लगा रहा चक्कर
पीडि़त किसान ने एसडीएम कार्यालय पहुंच कर मामले की शिकायत अधिकारियों से की। लेकिन वही हुआ, पीडि़त किसान को अधिकारियों से बस आश्वासन ही मिला। वहीं पीडि़त किसान अब खुद को जिंदा घोषित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।


बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के घोषित कर दिया मृत
पटवारी की लापरवाही की वजह से किसान अब मेहनत से उपजाये अपने धान को भी नहीं बेच पा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि बिना मृत्यु प्रमाण पत्र (Death certificate) के और सरपंच से पूछे बिना पटवारी ने पीडि़त किसान को किस आधार पर सरकारी रिकॉर्ड (Government record) में मृत घोषित कर दिया है।

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rampravesh vishwakarma Desk
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