Police से बचने 3 तस्करों ने ऐसे छिपा रखा था 'गांजा', अफीम के Sample भी मिले

वाहन चेकिंग के दौरान अंबिकापुर के बिलासपुर चौक पर पुलिस को मिली सफलता,   सूमो में केबिन बनाने के बाद 2 बोरे में रखा था गांजा, आंधप्रदेश से जा रहे थे बिहार

By: Pranayraj rana

Published: 22 Jan 2017, 08:17 PM IST

अंबिकापुर. बिलासपुर चौक पर रविवार की दोपहर वाहन चेकिंग के दौरान कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। बिलासपुर की तरफ से आ रही एक लाल रंग की सूमो में जांच के दौरान 43 किलो गांजा मिला। पुलिस ने वाहन में सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार कर गांजा बरामद किया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से अफीम का सैंपल भी जब्त किया है। तस्करों ने पुलिस को छकाने सूमो की बॉडी में चेंज कर 2 चेंबर बना रखे थे। इसी के भीतर 2 बोरों में गांजा छिपाकर रखा था। पिछले 25 दिन में सरगुजा पुलिस 2 क्विंटल से अधिक गांजा पकड़ चुकी है।

जानकारी के अनुसार एसपी आरएस नायक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस इन दिनों वाहनों की जांच हेतु अभियान चला रखी है। इसके तहत ही रविवार को बिलासपुर चौक पर कोतवाली थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी मणिशंकर चंद्रा की अगुवाई में पुलिस द्वारा चारपहिया वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इस दौरान बिलासपुर की तरफ से आ रही एक लाल रंग की सूमो वाहन क्रमांक सीजी 13 यूडी-6521 को देख पुलिस को शंका हुई।

उसने वाहन रुकवाकर जांच की तो वाहन चालक द्वारा एक प्लास्टिक की थैली को अंदर की तरफ ढकेलना शुरू किया गया। इस पर पुलिस अधिकारियों को वाहन में बैठे लोगों पर शक हुआ और वाहन में रखे बैग की जांच की गई तो उसमें पहले 5 किलो गांजा अलग-अलग पैकेट में मिला। पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही थी।

जांच के दौरान ही पुलिस को वाहन के नीचे की तरफ एक केबिन में2 बोरे में भारी मात्रा में गांजा मिला। इसके बाद पुलिस ने उक्त गांजा निकालकर वाहन में बैठे बिहार के बीरबलपुर थाना अन्तर्गत स्थित ग्राम विरनो थाना गाजीपुर निवासी 25 वर्षीय मनोज कुमार बिन्द पिता अर्जुन बिन्द, 26 वर्षीय कल्लन शाह पिता साजिद शाह व फैसल अहमद पिता अफजल अहमद को गिरफ्तार किया।

कार्रवाई में एएसआई अलंगो दास, अजीत मिश्रा, पुष्पा तिर्की, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र सिंह, कृष्णा सिंह, आरक्षक दीनदयाल सिंह, अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, आनंद गुप्ता, दिवाकर मिश्रा, देवेन्द्र तिर्की, बसंत रवि, अभय तिवारी, संजय सिंह शामिल रहे। पुलिस के अनुसार वाहन से बरामद गांजा लगभग 43 किलो है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 4 लाख 30 हजार रुपए है।

बिहार में तैयार किया था वाहन
आरोपियों ने बताया कि बिहार के आरा में ही वाहन के नीचे केबिन तैयार किया गया था। इसके लिए कम्पनी द्वारा बनाए गए बॉडी को काटकर लगभग 2 फीट नीचे की तरफ से अलग से केबिन बनाया गया था। इसके ऊपर कम्पनी का मैट लगा हुआ था। इससे पुलिस को भी शक होने की संभावना कम थी। गांजा की महक को मिटाने के लिए आरोपियों द्वारा पूरे वाहन में डीजल डाल दिया गया था।

आध्रप्रदेश से ला रहे थे गांजा
पुलिस को आरोपियों ने बताया कि बिहार के आरा निवासी मुकेश सिंह उन्हें वाहन चलाने के लिए ले कर गया था। वह उन्हें मंगलवार को अंबिकापुर की तरफ से मार्ग दिखाते हुए रायपुर की तरफ से ओडिशा के सिमनीगुड़ा में ले गया। यहां से मुकेश सिंह सूमो को लेकर सिमनीगुड़ा से आंध्रप्रदेश की सीमा में स्थित किसी गांव में गया, जहां से वाहन में गांजा भरकर सिमनीगुड़ा लेकर आया और उन्हें वाहन थमाकर आरा पहुंचाने के लिए बोला।

वाहन व गांजा पहुंचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 5-5 हजार रुपए देने का सौदा तय था। आरा पहुंचने के बाद उन्हें रकम मिल जाती। इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक आरएन यादव ने बताया कि सिमनीगुड़ा से शुक्रवार को वाहन लेकर तीनों निकले थे और रविवार को उन्हें बिहार पहुंचना था। वाहन का नंबर भी फर्जी है, जो नम्बर प्लेट लगा हुआ है वह किसी स्पलेंडर बाइक की है। वाहन चोरी का होने के संबंध में जांच की जा रही है।

सैंपल के रूप में ले जा रहे थे अफीम
आरोपियों के पास से पुलिस को एक छोटी डिब्बी जो पूरी तरह से पैक थी, वह भी मिली। पुलिस के अनुसार डिब्बी में संभवत: चरस है। जबकि आरोपियों ने बताया कि इसमें सैम्पल के रूप में अफीम है जो उन्हें मुकेश सिंह के आरा स्थित दुकान में पहुंचाना था। पुलिस बरामद डिब्बी को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजे जाने की बात कह रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि डिब्बी में क्या है।

कॉरिडोर बना रहे हैं नशे के सौदागार
इसके पूर्व भी गांधीनगर पुलिस ने भी कार में ओडिशा से दिल्ली ले जाते डेढ़ क्विंटल गांजा के साथ कार में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गांधीनगर पुलिस की कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही कोतवाली पुलिस ने रविवार को शहर के मार्ग से गांजा ले जाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नशे के सौदागारों के लिए अंबिकापुर, बिलासपुर व रायपुर होते हुए ओडिशा व आंध्रप्रदेश जाना एक आसान मार्ग बन गया है। लगातार ओडिशा की तरफ से होते हुए रायपुर, बिलासपुर होते हुए नशे के सौदागार शहर के मार्ग से गांजा या अन्य नशे का सामान लेकर जाते हैं। उनके लिए यह मार्ग सबसे आसान मार्ग बन गया है।
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