Medical कॉलेज अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं, 5 माह के मासूम ने तोड़ा दम

मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के लिए नहीं है वेंटिलेटर की सुविधा, हायर सेंटर रेफर किए जाने के बाद गरीब परिवार हो जाता है असहाय

By: rampravesh vishwakarma

Published: 22 Aug 2017, 06:06 PM IST

अंबिकापुर. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों के लिए वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर रूप से बीमार बच्चों को यहां से बाहर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में कई गरीब परिवार के बच्चे रुपए के अभाव में इलाज के बिना ही दम तोड़ दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में देखने को मिला। अंबिकापुर से लगे ग्राम कंठी निवासी 5 माह के मासूम ने वेंटिलेटर सुविधा न मिलने के अभाव में दम तोड़ दिया।


मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने की काफी उम्मीदें थी। लेकिन आज भी यहां संसाधनों के कमी की वजह से गरीब परिवार के लोग इलाज के अभाव में ही दम तोड दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज बने एक वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन उपकरणों की कमी का रोना आज भी जारी है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न तो बच्चों के लिए और न ही बड़ों के लिए वेंटिलेटर की व्यवस्था है।

ऐसे में गम्भीर स्थिति में मरीजों की जान बचा पाना डाक्टरों के वश के बाहर हो रहा है। इसकी वजह से कई बार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डाक्टर गम्भीर मरीजों को वेंटीलेटर के अभाव में बाहर रेफर कर दे रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व एक महिला के निवेदन पर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। उस समय भी वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं होने पर महिला के बच्चे को नेता प्रतिपक्ष के कहने पर रायपुर ले जाया गया था।

इसके साथ ही शहर के निजी अस्पताल में बच्चों को वेंटीलेंटर में रखकर इलाज किया गया था। रविवार को कंठी निवासी ५ माह चांद कुमार पिता सुमार साय को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों ने देखने के बाद उसे सांस लेने में परेशानी बताया।

गंभीर स्थिति होने की वजह से उसे बाहर ले जाने की सलाह भी दी। लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से बच्चे का पिता उसे बाहर नहीं ले जा सका। शहर के निजी अस्पताल में भी वेंटिलेटर खाली नहीं थे। इसकी वजह से चांद कुमार को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल सकी और इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।

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