सचिवालय का कर्मचारी बन नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

ग्रामीणों को रायपुर ले जाकर ठगी करने वालों से मुलाकात कर उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठता था

By: Pranayraj rana

Published: 30 Apr 2016, 11:55 AM IST

अंबिकापुर. सचिवालय का कर्मचारी बनकर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगी किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह मामले का मुख्य आरोपी है जो ग्रामीणों को रायपुर ले जाकर ठगी करने वालों से मुलाकात कर उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठता था। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है गांधीनगर निवासी मुजाहिदीन व उसकी पत्नी शबनम परवीन व ग्राम परसा निवासी प्रेम सिंह बघेल ने वर्ष 2012 से अभी तक कुल 38 लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनसे लगभग 58 लाख रुपए ऐंठे थे। रुपए लेने के बाद किसी की भी नौकरी नहीं लगी।

आरोपियों में मुजाहिदीन खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताकर पीडि़तों को अपने झांसे में लेने के बाद नौकरी लगाने के नाम पर उनसे 1 से डेढ़ लाख रुपए वसूलता था। इस कार्य में उसकी पत्नी शबनम परवीन व साथी प्रेम सिंह भी शामिल थे। पीडि़तों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों मुजाहिदीन, उसकी पत्नी शबनम व साथी प्रेम सिंह को धारा 420 व 34 के तहत गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया था।

मामले में पुलिस को एक और आरोपी की तलाश थी। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि मामले का मुख्य आरोपी झारखंड के ग्राम चैनपुर डुमरी में जाकर छिपा हुआ है। पुलिस को गुरूवार की रात जानकारी मिली कि आरोपी 30 वर्षीय रविन्द्र पिता सोनसाय के शंकरगढ़ के ग्राम हर्राटोली अपने ससुराल आया हुआ है।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस के एएसआई अलंगो दास, अजीत मिश्रा व आरक्षक अरविंद उपाध्याय ने ग्राम हर्राटोली पहुंच रविन्द्र को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद उसे अंबिकापुर लाकर पूछताछ की गई। मामले में आरोपी ने कई चौंकाने वाले जानकारी भी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में धारा 420, 120 बी व 34 के तहत रविन्द्र को  गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
Pranayraj rana
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