राजकीय सम्मान के साथ शहीद रमाशंकर पंचतत्व में विलीन, रो पड़ा पूरा गांव, फोटो देख आपकी भी आंखें हो जाएंगीं नम

Bijapur Naxal Attack: सांसद-विधायक, आईजी-कलक्टर ने दी सलामी, गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) के बाद छोटे भाई जयसिंह ने दी मुखाग्नि, तिरंगे में लिपटा पहुंचा पार्थिव शरीर

By: rampravesh vishwakarma

Published: 05 Apr 2021, 07:34 PM IST

अंबिकापुर. नक्सलियों (Bijapur Naxal Attack) से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए सरगुजा जिले के लखनपुर थाना अंतर्गत ग्राम अमदला निवासी शहीद रमाशंकर पैकरा का पार्थिव शरी उनके गृहग्राम पहुंचा। यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ जनप्रतिनिधियों तथा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।

राजकीय सम्मान के साथ शहीद रमाशंकर पंचतत्व में विलीन, रो पड़ा पूरा गांव, फोटो देख आपकी भी आंखें हो जाएंगीं नम

शहीद रामाशंकर पैंकरा के चिता को मुखाग्नि उनके छोटे भाई जयसिंह ने दी। इस दौरान सबकी आंखें नम हो गईं। शहीद रमाशंकर सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह, लुण्ड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम,

जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह, पुलिस महानिरीक्षक आरपी साय, कलेक्टर संजीव कुमार झा, पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा ने सलामी दी।

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एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर से आया पार्थिव देह
शहीद रमाशंकर पैंकरा का पार्थिव देह को वायुसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा दोपहर करीब 3.30 बजे मां महामाया एयरपोर्ट लाया गया। यहां से पार्थिव देह एंबुलेंस के द्वारा गृहग्राम अमदला पहुंचा। पार्थिव देह की अंतिम संस्कार हेतु यहां पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई थी।

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जमगला के लाल अमर रहे से गुंजायमान हुआ गांव
वीर शहीद रमाशंकर पैंकरा के पार्थिव देह पहुंचने पर परिवार के साथ पूरा गांव गमजदा होकर अंतिम दर्शन करने उमड़ पड़े। अंतिम दर्शन से लेकर अंतिम संस्कार तक के गमगीन माहौल में जमगला के लाल अमर रहे, वंदे-मातरम, जब तक सूरज चांद रहेगा रमाशंकर तेरा नाम रहेगा के नारे गुंजायमान होते रहे।

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2009 में ज्वाइन की थी नौकरी
गौरतलब है कि सरगुजा के वीर शहीद रमाशंकर पैंकरा बीजापुर एवं सुकमा के सरहदी थाना तर्रेम क्षेत्र के ग्राम जोनागुड़ा, टेकलगुडम और जीरागांव के आस-पास में 3 अप्रैल को पुलिस और नक्सली के बीच मुठभेड़ (Naxal Attack) में शहीद हो गए थे।

वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ शस्त्र बल में भर्ती होने के बाद वर्ष 2014 में एसटीएफ में शामिल होने वाले शहीद रमाशंकर पैंकरा बुधराम पैंकरा के द्वितीय संतान थे। परिवार में उनकी पत्नी कस्तूरी पैंकरा, पिता बुधराम पैंकरा और माता हैं।

rampravesh vishwakarma Desk
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