झीरम में मारे गए कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा के पुत्र को डिप्टी कलक्टर बनाने के निर्णय का भाजपा ने किया विरोध, पूछा ये सवाल

भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव बोले- क्या झीरम हमले में मारे गए सभी दिवंगत नेताओं के परिवार वालों को डिप्टी कलक्टर बनाया जाएगा

By: rampravesh vishwakarma

Updated: 03 Mar 2019, 09:05 PM IST

अंबिकापुर. कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार छत्तीसगढ़ के बेरोजगार और प्रतिभावान युवाओं को अंगूठा दिखा रही है। कांग्रेस नेताओं के पुत्रों को डिप्टी कलक्टर के पद पर नियुक्ति कर प्रदेश के उन शहीद सैनिकों की शहादत का अपमान किया है, जिन्होंने नक्सली हिंसा और देश कीसुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया है। उक्त बातें भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही।


अनुराग सिंहदेव ने कहा कि भाजपा की सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विनोद चौबे जो नक्सलियों से लोहा लेते हुए उनकी गोलियों का शिकार हुए थे। उनके पुत्र को अनुकम्पा नियुक्ति देकर डिप्टी कलक्टर बनाया था लेकिन कभी इन पदों पर केबिनेट के अधिकारों का दुरुपयोग कर राजनैतिक नियुक्ति नहीं की।

कांग्रेस की यह परंपरा रही है कि जब भी वो सत्ता में आती है परिवार और कांग्रेसी नेताओं के उत्थान में जुट जाते हैं। पूर्व में शिक्षा कर्मियों की भर्ती में बोली व भाषा के आधार पर अंक देकर योग्य युवाओ को वंचित किया गया एवं हजारों नियुक्तियां की गईं। जब भाजपा की सरकार बनी तब कही जा कर मेरिट के आधार पर शिक्षाकर्मी भर्ती आरम्भ की गई।

उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या झीरम हमले में कांग्रेस के सभी दिवंगत नेताओं के परिवार जनों को डिप्टी कलक्टर बनाया जाएगा। यह भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।


बिना परीक्षा डिप्टी कलक्टर बनाना युवाओं के साथ धोखा
प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर के झीरम में हुए नक्सली हमले में दिवंगत महेन्द्र कर्मा के पुत्र आशीष कर्मा को बिना किसी परीक्षा के डिप्टी कलक्टर बनाने का निर्णय लेकर हजारों युवाओं को छला है, जो इस परीक्षा के लिए दिन रात मेहनत कर पीएससी की तैयारी कर रहे हैं।

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