जिस बीमारी के ऑपरेशन में होते 2 लाख रुपए खर्च, उसे यहां के डॉक्टरों ने मात्र 2 हजार में कर दिखाया

Cancer disease: 2 घंटे में ही मरीज का किया सफल ऑपरेशन, अब तक इन डॉक्टरों द्वारा ऐसे 14 मरीजों का किया गया है ऑपरेशन

By: rampravesh vishwakarma

Published: 22 Oct 2019, 03:53 PM IST

अंबिकापुर. मुंह के कैंसर (Mouth cancer) से परेशान एक वृद्ध को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने दो घंटे का सफल ऑपरेशन कर बड़ी राहत दी है। मुख कैंसर के इलाज के लिए जहां ग्रामीण के परिवार को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते, वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने मात्र 2000 रुपए के खर्च पर ही उसका इलाज कर दिया। डॉक्टरों द्वारा निकाले गए सिस्ट को जांच के लिए रायपुर भेजा गया है।


अब तक निजी चिकित्सालय में ही कैंसर का इलाज किया जाता था। इसके लिए कई बार मरीजों को इलाज के लिए लाखों रुपए खर्च भी करने पड़ते थे और उनकी जान भी नहीं बच पाती थी। लेकिन अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी मुख कैंसर से पीडि़तों का इलाज किया जा रहा है।

अब तक 14 मुख कैंसर (Mouth cancer) मरीज का इलाज काफी कम खर्च में शासकीय चिकित्सकों द्वारा किया जा चुका है। सभी कैंसर पीडि़तों की स्थिति आज ठीक है। लखनपुर निवासी 80 वर्षीय शिवचरण यादव जो तंबाकू और पान-मसाला खाने का आदी था। उसके मुंह की स्थिति काफी गम्भीर होती जा रही थी।

वह इससे काफी परेशान था और रायपुर के निजी चिकित्सालयों में भी दिखा चुका था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन में बताए गए खर्च को देखते हुए वह वापस लौट गया था। कुछ दिनों पूर्व वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा और डॉ. सुबोध कुजूर व डॉ. अभिषेक से मुलाकात की, उन्होंने भी देखने के बाद ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी।

लेकिन उम्र अधिक होने की वजह से डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन करने से इंकार किया जा रहा था, बाद में बेटे द्वारा सहमति दिए जाने के बाद शनिवार को शिवचरण यादव के मुख कैंसर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन सफल रहा। डॉक्टरों द्वारा उसके मुंह से कैंसर वाले क्षेत्र से सिस्ट निकालकर रायपुर जांच के लिए भेज दिया गया है।


2 घंटे चला ऑपरेशन
डॉ. सुबोध कुजूर व डॉ. अभिषेक द्वारा शिवचरण यादव का लगभग 2 घंटे तक ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन काफी कठिन था, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने इस दौरान पूरी सावधानी बरतते हुए सफल ऑपरेशन किया। मुख कैंसर के इलाज में जहां 1.5 लाख रुपए से अधिक खर्च होते हैं, उसे महज 2000 रुपए में डॉक्टरों की टीम ने कर दिखाया। यह राशि भी मरीज के स्मार्ट कार्ड से कटी।


अंतिम स्थिति में पहुंचते हैं मरीज
डॉ. अभिषेक ने बताया कि मुख कैंसर से पीडि़त मरीज अक्सर अंतिम स्टेज पर इलाज के लिए पहुंचते हैं। दूसरी बीमारी के लिए लोग डॉक्टर के पास चले जाते हैं, लेकिन मुख की रक्षा और इलाज के लिए अधिक गम्भीर नहीं होते हैं। कैंसर से ग्रसित होने के बाद ही लोग अस्पताल पहुंचते हैं। प्राइमरी स्टेज पर अपनी जांच कराने आने वाले लोगों का प्रतिशत काफी कम हैं।

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