Chaitra Navratri 2021: देवी मंदिरों में प्रज्ज्वलित हुए ज्योति कलश, घरों में ही मां की आराधना, माता कुदरगढ़ी के ऑनलाइन दर्शन

Chaitra Navratra 2021: नवरात्रि पर इस बार भी कोरोना (Corona) का साया, देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक, ऑनलाइन आरती (Online arati) व पूजा में श्रद्धालु हो सकेंगे शामिल

By: rampravesh vishwakarma

Published: 13 Apr 2021, 02:03 PM IST

अंबिकापुर. चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratra) का त्योहार एक बार फिर कोरोना संक्रमण के साए में मनेगा। पिछले साल भी मार्च-अप्रैल में होने वाले चैत्र नवरात्र कोरोना के कारण प्रभावित हो गया था। 22 मार्च को लॉकडाउन शुरु हुआ था। शासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर सख्ती बढ़ा दी गई थी। लॉकडाउन के चलते मंदिर पूरी तरह से बंद थे।

लोगों ने घरों में पूजा की थी। इस वर्ष भी 13 अप्रैल से शुरु हो रहे चैत्र नवरात्र मेले पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का साया दिख रहा है। नवरात के शुरूआत दिन से ही लॉकडाउन भी शुरु हो गया है।

इस वर्ष भी जिला प्रशासन के जारी आदेश के अनुसार धार्मिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यानि मंदिर पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। इधर सूरजपुर जिले के मां कुदरगढ़ी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यहां माता के ऑनलाइन लाइव दर्शन (Online live visit) श्रद्धालु कर सकेंगे।

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महामाया मंदिर के पुजारी ने बताया कि पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से मंदिर पूरी तरह से बंद रहने से रौनक कम हो चुकी है। नवरात्रि के समय में मंदिर गुलजार रहता था, भीड़ रोकने से नहीं रूकती थी। श्रद्धालु काफी संख्या में प्रति दिन मां के दर्शन के लिए पहुंचते थे। पिछले वर्ष भी चैत्र नवरात्र व शारदीय नवरात्र में कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद थे।

इस वर्ष भी वही स्थिति है, श्रद्धालुओं को मंदिर आने की अनुमति नहीं है। हालांकि मंदिर समिति द्वारा नवरात्र के अवसर पर ९ दिन तक पूजा अर्चना की तैयारी कर ली गई है।

नवरात्र के पहले दिन मंदिर समिति द्वारा ही मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। शहर के महामाया मंदिर, दुर्गा मंदिर व समलाया मंदिर, दुर्गा मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में ज्योति कलश प्रज्जवलित किए गए।

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इस वर्ष घट गई ज्योति कलश की संख्या
इस वर्ष पूर्व वर्षों की तुलना में महामाया मंदिर व दुर्गा मंदिर में ज्योति कलश की संख्या में कमी आई है। इस वर्ष महामाया मंदिर में घृत कलश के लिए 1400 श्रद्धालुओं ने पर्ची कटाई है। वहीं तेल के 2000 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जबकि पिछले वर्ष के कोरोना काल में घी के 2200 व तेल के 2300 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए थे। वहीं दुर्गा मंदिर में भी ज्योति कलश की संख्या कम हो गई है। यहां घी के 260 व तेल के 700 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे।


ऑनलाइन प्रसारण भी नहंी होगा
इस वर्ष नवरात्र के अवसर पर मां देवी की आराधना लोग अपने-अपने घरों में ही कर रहे हैं। नवरात्र का मंगलवार को पहला दिन है। चूंकि सभी देवी मंदिर बंद हैं ऐसे में लोगों ने घर पर ही माता की पूजा-आराधना की। वहीं मां महामाया मंदिर में इस बार ऑनलाइन प्रसारण की भी व्यवस्था नहीं है।

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चैत्र नवरात्र में ऑनलाइन कर सकेंगे मां कुदरगढ़ी के दर्शन
इधर सूरजपुर जिले में कोरोना महामारी के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार कलक्टर रणबीर शर्मा द्वारा चैत्र नवरात्र पर लगने वाले कुदरगढ़ धाम के प्रसिद्ध मेले को बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिस पर श्रद्धालुओं से अपील भी की गई हैं कि वे घर पर रहकर ही पूजा-पाठ करें, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से नियंत्रित किया जा सके।

आमजनों द्वारा भी इस अपील पर अमल करते हुए घर पर ही रहना उचित समझा है और मेले परिसर पर श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं। कलक्टर रणबीर शर्मा द्वारा श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा और कुदरगढ़ धाम (Kudargarh Dham) की प्रसिद्धता को देखते हुए पहल कर ऑनलाइन माध्यम द्वारा चैत्र नवरात्र में लाइव आरती दिखाने का प्रबंध किया गया है।

आरती ऑनलाइन सोशल साइट इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर पर शेयर किये गये लिंक के माध्यम से लोगों को दिखाई जा रही है और माता के दर्शन करने का अवसर दिया गया है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर रोजाना प्रात: 7 बजे तथा संध्या के 6 बजे सोशल मीडिया पर दिए गए लिंक के माध्यम से माता के ऑनलाइन लाइव दर्शन किए जा सकते हैं।

rampravesh vishwakarma Desk
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