10वीं बोर्ड में 90 की जगह आया था 77 प्रतिशत, निराश छात्रा ने जहर खाकर लगा ली फांसी, समय रहते फंदे से उतारा लेकिन...

Commits suicide: परिजनों ने फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल में कराया भर्ती, 20 तक चले उपचार के बाद रांची अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

By: rampravesh vishwakarma

Published: 26 Aug 2020, 10:09 PM IST

अंबिकापुर. 10वीं बोर्ड की परीक्षा में उम्मीद से कम अंक आने से निराश छात्रा ने आत्महत्या कर ली। 4 अगस्त को छात्रा ने घर में फांसी लगा (Commits suicide) ली थी। सही समय पर फंदे से उतारकर परिजन ने जब उसे इलाज के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती कराया तो पता चला कि उसने जहर भी सेवन किया है।

तबियत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया था। रांची ले जाने के दौरान शहर से लगे ग्राम असोला में ही उसकी मौत (Commits suicide) हो गई।


शहर से लगे ग्राम सरगवां निवासी 15 वर्षीय श्वेता गुप्ता पिता अजय गुप्ता 10वीं की छात्रा थी। विगत माह आए दसवीं बोर्ड के नतीजों में छात्रा 77 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण हुई थी। लेकिन उसे 90 प्रतिशत अंक की उम्मीद थी। उम्मीद से कम अंक आने पर वह परीक्षा परिणाम से निराश थी। इसी कारण 4 अगस्त को उसने घर में फांसी (Commits suicide) लगा ली।

परिजन ने उसे तत्काल फंदे से उतार कर इलाज के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि उसने जहर भी सेवन किया है। काफी दिनों तक इलाज के बावजूद भी जब उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया।


रांची ले जाते रास्ते में तोड़ा दम
25 अगस्त को परिजन रांची ले जा रहे थे। रास्ते में असोला के पास उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम किया है। (Girl student commits suicide)

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rampravesh vishwakarma Desk
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