स्कूलों के लिए खरीदी गई 1 करोड़ 6 लाख की 993 एलईडी टीवी में जमकर भ्रष्टाचार, जांच में हुआ खुलासा

Corruption: आरटीआई कार्यकर्ता (RTI activist) ने तात्कालीन कमिश्नर से की थी मामले की शिकायत, डेढ़ गुना रेट में खरीदी गई चाइना कंपनी (China company) की एलईडी टीवी, जांच टीम ने प्रतिवेदन में संबंधित अधिकारियों (Officers) से की है वसूली की अनुशंसा

By: rampravesh vishwakarma

Published: 25 Nov 2020, 09:56 PM IST

अंबिकापुर. अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा वर्ष 2018 में एक लिखित शिकायत तत्कालीन कमिश्नर (Commisssioner) सरगुजा अविनाश चंपावत से की गई थी।

इसमें यह उल्लेख किया गया था कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में वर्ष 2017 में प्रज्ञा योजना के तहत चयनित मॉडल प्राथमिक स्कूलों के लिए सभी विकासखंड के ग्राम पंचायतों में बगैर निविदा निकाले नियमों को ताक पर रखकर 1 करोड़ 6 लाख की चाइनीज एलईडी टीवी (LED TV) चहेते दुकानदार से सेटिंग कर खरीदी की गई थी।

इस एलईडी टीवी का रेट बाजार में 20 से 22 हजार रुपए है, जिसकी बिलिंग 31 से 35 हजार रुपए की गई थी। एलईडी टीवी खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया था। जबकि भंडार क्रय अधिनियम के तहत 5000 रुपए से अधिक की सामग्री की निविदा, ईश्तहार, 3 कोटेशन व ग्राम पंचायत में एक बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया जाता है।

इसके बाद जिसका कम दर हो उसे सामग्री का आर्डर (Order) दिया जाता है, मगर यहां पर ऐसा कोई भी नियम का पालन नहीं किया गया।


शिकायत में यह भी बताया गया था। जनपद पंचायतों के ग्राम पंचायतों में 40 इंच की चाइनीज एलईडी टीवी की करोड़ो में खरीदी कर प्राथमिक पाठशाला में लगा दी गई, जिसकी कोई गारंटी अवधि नहीं है कभी भी खराब हो सकती है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पर पूर्व में 14.50 प्रतिशत वैट (VAT) लग रहा था, अब 28 प्रतिशत वैट लग रहा है।

28 प्रतिशत वैट लगने के बाद भी चाइनीज एलईडी टीवी 40 इंच का बाजार में रेट करीब 20 से 22 हजार तथा 32 इंच का करीब 14000 रुपए में है, जिसे अधिकारियों द्वारा 31 से 35 हजार रुपए में खरीदा गया है। शिकायत पर तत्कालीन कमिश्नर ने एक जांच कमेटी बनाई थी।

उक्त जांच कमेटी का अध्यक्ष केआर भगत, सचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव तथा सदस्य सविता आईच, ईरमा तिग्गा लेखाधिकारी को बनाया गया था। इन्होंने विधिवत जांच कर प्रतिवेदन सरगुजा के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।

उक्त जांच प्रतिवेदन में साफ उल्लेख किया गया कि है तत्कालीन बलरामपुर कलक्टर अवनीश शरण ने मौखिक निर्देश देकर टीवी की खरीदी कराई थी।

साथ ही बाजार दर से अधिक दर पर खरीदी की गई तथा जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि टीवी क्रय प्रक्रिया में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया है इसलिए शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होती है।


कई एलईडी टीवी पाए गए बंद
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुल 993 टीवी प्रदान किया गया है। सभी एलईडीटीवी का भुगतान 1 करोड़ 5 लाख नवासी हजार सैंतीस रुपए किया गया है। उक्त एलईडी टीवी की कोई गारंटी नहीं है कि कब खराब हो जाए। जांच में कई स्कूलो के एलईडी टीवी (LED TV) बंद पाए गए हैं।


अधिक भुगतान की गई राशि की हो वसूली
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाजार दरों से ज्यादा का देयक प्रस्तुत कर राशि का भुगतान किया गया है। इनके द्वारा शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। अत: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायतों से उक्त अवधि वर्ष 2017 में शासकीय दर के आधार पर अधिक भुगतान की गई राशि वसूली योग्य है।

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