इस चिटफंड कंपनी के स्टार प्रचारक थे पूर्व सीएम रमन के पुत्र, राजनांदगांव विधायक और महापौर, कोर्ट ने दिया ये आदेश

इस चिटफंड कंपनी के स्टार प्रचारक थे पूर्व सीएम रमन के पुत्र, राजनांदगांव विधायक और महापौर, कोर्ट ने दिया ये आदेश

Ram Prawesh Wishwakarma | Updated: 06 Jun 2019, 08:07:02 PM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

चिटफंड कंपनी के खिलाफ पेश किए गए परिवाद पर विशेष न्यायाधीश ने दिया आदेश, ग्रामीण ने विश्वास कर कंपनी में निवेश किए थे 10 हजार रुपए

अंबिकापुर. चिटफंड कंपनी के खिलाफ पेश परिवाद पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश बीपी वर्मा ने अन्वेषण के बाद मामले में अंतिम प्रतिवेदन पेश करने का आदेश थाना प्रभारी को दिया है। कंपनी में कार्यरत निक्षेपकों द्वारा 20 लोगों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत परिवाद पत्र पेश किया गया है।


विशेष न्यायाधीश बीपी वर्मा के न्यायालय में अधिवक्ता संगीता सोनी द्वारा 156(3) के तहत परिवाद पेश करते हुए निक्षेपकों के हित को संरक्षित करने की बात कही गई थी। मामले में सीआरपीसी की धारा 156 (3) व धारा 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 सहपठित धारा 3, 4 व 6 के तहत परिवाद पत्र पेश किया गया था।

परिवाद पत्र में उसने बताया था कि चिटफंड कंपनी के संचालक व प्रचारकों द्वारा मामले में प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश बीपी वर्मा ने 156(3) के तहत पेश परिवाद पत्र को स्वीकार करते हुए लुण्ड्रा पुलिस को मामले में तत्काल अन्वेषण करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में तत्काल पेश करने को कहा गया है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

परिवाद पेश करते हुए संगीता सोनी ने विशेष न्यायाधीश को बताया कि अनमोल इडिया कंपनी मुख्य कार्यालय भयंदर वेस्ट ठाणे स्थानीय मुख्य कार्यालय रायपुर है। सेबी के अपीलेट ट्रिब्यूनल व सुप्रीम कोर्ट द्वारा कंपनी को बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद शासन में बैठे कुछ अधिकारियों द्वारा इसे क्लीन चिट दिया गया था।


कंपनी कभी बंद नहीं होगी का दिलाया था भरोसा
कंपनी का छलपूर्वक प्रचार-प्रसार कंपनी के डायरेक्टर व कोर समिति सदस्य व अन्य स्टार प्रचारकों द्वारा कर यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी कंपनी सही है, कभी भी बंद नहीं हो सकती है। कंपनी में निवेश करने पर लाभ होगा।

इसकी वजह से परिवादी रघुनाथपुर लुण्ड्रा निवासी ज्ञानदास ने कंपनी में 10 हजार रुपए का निवेश किया था। रकम मेच्योर होने के बाद भी उसे न तो राशि दी गई और न ही इस संबंध में कुछ बताया गया। कंपनी के अधिकारी कार्यालय का ताला बंद कर फरार हो गए।


कलक्टर, एसपी व टीआई से की थी शिकायत
मामले की शिकायत ज्ञानदास द्वारा कलक्टर, एसपी व लुण्ड्रा टीआई से की थी लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे क्षुब्ध होकर विशेष न्यायालय में परिवाद पेश किया गया है। अधिवक्ता ने बताया कि इस प्रकार कुल १९० परिवाद पेश किया गया है।


पूर्व राजनांदगांव सांसद, विधायक व महापौर हैं पक्षकार
मामले में जिन्हें पक्षकार बनाया गया है। उसमें राजनांदगांव के पूर्व सासंद अभिषेक सिंह, पूर्व महापौर नरेश डाकलिया व मधुसूदन यादव के खिलाफ भी परिवाद पेश किया गया है। इस संबंध में अधिवक्ता संगीता सोनी ने बताया कि ये सभी बोर्ड डायरेक्टर के साथ कंपनी के संचालक मंडल मे शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी के स्टार प्रचारक थे। इनके कहने पर ही विश्वास कर कंपनी में निवेश किया गया था।

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