जब तैयार फसल काटने की बारी आई तो खेतों में पहुंचने लगे गजराज, हर दिन खून के आंसू रो रहे किसान

जब तैयार फसल काटने की बारी आई तो खेतों में पहुंचने लगे गजराज, हर दिन खून के आंसू रो रहे किसान

Ram Prawesh Wishwakarma | Publish: Nov, 10 2018 08:57:58 PM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

हर दिन धान व गन्ने की खड़ी फसल बर्बाद कर रहे हाथी, 8 गांव के किसान व ग्रामीण हैं परेशान

प्रतापपुर. 16 हाथियों का दल पिछले कई दिनों से सूरजपुर जिले के सोनगरा जंगल मे रहकर अब मोहनपुर जंगल में पहुंच गया है। गज दल शाम होते ही खेतों की ओर रुख कर धान व गन्ने की फसल को बर्बाद कर रहा है।

हाथियों को खदेडऩे की कोई योजना वन विभाग के पास नहीं है। वन विभाग के कर्मचारी बस ग्रामीणों को दूर रहने की हिदायत देते नजर आते हैं, जबकि किसानों द्वारा मेहनत कर खेतों में उगाई गई फसल हर दिन नष्ट हो रही है।


सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के सोनगरा सहित आसपास के गांव कासदोहर, मायापुर द्वितीय, बोझा, झिंगादोहर, पंडरीडांड़, मोहनपुर, सुन्दरगंज, हरिपुर में गज आतंक के कारण ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं।

 

Elephants in Surajpur

अनहोनी के भय से ग्रामीण पूरी रात घर मे सहमे रहते हैं। शुक्रवार की रात हाथियों का दल बोझा होते हुये मोहनपुर जंगल में पहुंच गया है। इस दौरान हाथियों ने कासादोहर, बोझा, मायापुर द्वितीय, मोहनपुर व हरिपुर में धान व गन्ने की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया।

हाथियों ने कासदोहर के नंदलाल सिंह, पूरन राजवाड़े व कमला सिंह की धान की फसल तथा नन्द केश्वर, पति राम, सहदेव राम के गन्ने की फसल को रौंद कर बर्बाद कर दिया। ग्रामीण दिन-रात कड़ी मेहनत कर धान की फसल तैयार किए हैं, अब जब फसल काटने का समय आया तो हाथी पहुंच गए हैं।

खड़ी फसल को हाथी हर दिन बर्बाद कर रहे हैं और किसान लाचार नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से इसी समय हाथियों का दल पहुंचता है।


मुआवजे से किसानों की नहीं हो पाती भरपाई
सोनगरा के ग्रामीण दशरथ सिंह व सोनगरा सरपंच ओम प्रकाश पैंकरा ने बताया कि हाथियों के नुकसान से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। मुआवजा इतना कम मिलता है कि खाद-बीज का मूल्य भी नहीं मिल पाता है। सरकार द्वारा सहकारी समिति में 2050 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी हेतु दर निर्धारित किया गया है एवं एक एकड़ में लगभग 15 क्विंटल धान की उपज होती है।

इस हिसाब से प्रति एकड़ 30 हजार से ज्यादा की आय होती है परंतु मुआवजा अत्यंत कम मिलता है जिससे खर्च की राशि भी नहीं मिल पाती है।


नहीं हुआ समाधान तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीण दशरथ सिंह, ओमप्रकाश पैंकरा, झरी लाल, धनेश्वर राजवाड़े, शिव नंदन पैंकरा, समय लाल मिश्रा, गति राम व जगेश्वर ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक वर्ष मेहनत कर कमाई गई फसल एवं जनहानि होने की समस्या के स्थायी समाधान की मांग वन विभाग से की गई है, क्योंकि अभी तक इस विषय पर कोई कारगर उपाय करते वन विभाग नहीं दिख रहा है। पूरे ग्रामीण गज आतंक से परेशान हैं, अगर कोई ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।


गांव में रोज कराई जा रही मुनादी
हाथियों पर नजर रखे हुए हैं। पूरी टीम हाथियों को भगाने में लगी है। ग्रामीणों की हिफाजत के लिए गांव में रोज मुनादी कराई जा रही है। साथ ही गांव में न हाथी न प्रवेश कर सकें, इसके लिए बेरिकेटिंग की जा रही है। फसल नुकसान का प्रकरण बनाया जा रहा है।
दुलार साय सांडिल्य, परिक्षेत्र सहायक, सोनगरा

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