मैनपाट में 10 हाथियों का आतंक, बारिश में उजाड़ा 15 ग्रामीणों का आशियाना, पहुंचे विधायक

Elephants Terror: घर टूट जाने से खुले आसमान (Open sky) के नीचे रहने को विवश हैं ग्रामीण, वन विभाग (Forest Department) द्वारा प्रभावितों को पहुंचाई जा रही राहत

By: rampravesh vishwakarma

Published: 01 Aug 2021, 07:29 PM IST

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से विख्यात मैनपाट क्षेत्र में हाथियों का आतंक (Elephants in Mainpat) थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात 10 हाथियों के दल ने ग्राम डांडकेसरा में जमकर उत्पात मचाते हुए 15 ग्रामीणों के घरों क्षतिग्रस्त कर दिया है।

बारिश में आशियाना उजड़ जाने से ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात बिताने का विवश हैं। सूचना पर विधायक डॉ. प्रीतम राम ने प्रभावित गांव का जायजा लिया और पीडि़तों की समस्याएं सुनी। उनके निर्देश पर वन विभाग द्वारा पीडि़त ग्रामीणों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।


मैनपाट के कमलेश्वरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत स्थित गांवों में 10 हाथियों के दल ने आतंक मचा रखा है। हाथियों की दहशत के साथ ही ग्रामीणों में जान-माल का खतरा भी बना हुआ है। दरअसल सरगुजा जिले के मैनपाट में तेज बारिश और घने कोहरे के बीच हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है।

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वहीं हाथियों का दल रहवासी क्षेत्र में भी पहुंच कर उत्पात मचा रहा है। शनिवार की रात हाथियों का दल कमलेश्वरपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम डांडकेसरा में पहुंच गया। यहां हाथियों ने 15 ग्रामीणों के घर को तहस-नहस कर दिया। हाथियों के गांव में घुस आने के बाद ग्रामीण जान बचाकर भाग निकले।

अब ग्रामीण हाथियों से बचने के लिए रतजगा करने को विवश हैं। इधर घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ग्राम डांडकेसरा पहुंची और नुकसान का जायाजा लिया। वन विभाग द्वारा पीडि़त ग्रामीणों को आंगनबाड़ी केंद्र के अलावा सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।


विधायक ने पीडि़तों से की मुलाकात
हाथियों द्वारा घर तोडऩे की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. प्रीतम राम भी गांव पहुंचे और पीडि़त ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। साथ ही ग्रामीणों को विधायक ने दवाई का वितरण भी किया।

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विधायक के निर्देश पर वन विभाग द्वारा पीडि़त परिवार के बीच तत्काल राहत कार्य पहुंचाया गया। फिलहाल पीडि़त परिवार को तिरपाल, राशन व टॉर्च का वितरण किया गया है।

Elephants broken houses
IMAGE CREDIT: Elephants terror

हाथियों ने इन ग्रामीणों को तोड़ा घर
वन विभाग के अनुसार शनिवार की रात हाथियों ने डांडकेसरा के दिनेश पिता सुरेश, धनेश्वर पिता सुखु, संतोष पिता सुखु, सुखु पिता बेचन, संतू पिता प्रभू, गया पिता प्रभू, जमुना पिता प्रभू, विजयलाल पिता बालभगवान,बंधन पिता रामनाथ, कुन्ती संवता पिता रंगीला, ननकी संवता पिता रामनाथ, शनिराम पिता गंगा राम, गुरूवारी पिता छिन्टू, अजीत पिता बुधराम के घर को तोड़ डाला है।


अब तक 168 ग्रामीणों का तोड़ चुके हैं घर
10 हाथियों के दल ने पिछले 9 महीने से मैनपाट क्षेत्र में आतंक मचा रखा है। फिलहाल हाथियों का दल बोरो रेंज स्थित धर्मजयगढ़ क्षेत्र में डटा हुआ है। हाथियों का दल क्षेत्र में पहुंच कर फसल, कच्चे मकान के साथ-साथ जानमाल को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

शनिवार की रात हुई इस घटना के बाद बीते 9 महीनों के भीतर हाथियों के दल ने 168 कच्चे मकानों को तोड़ दिया। इस वजह से कई ग्रामीण बेघर हो चुके है। वहीं हाथी 3 ग्रामीणों की जान भी ले चुके हैं।


वन विभाग की हर कोशिश विफल
हाथियों के आतंक को रोकने में वन विभाग की हर कोशिश नाकाम साबित हो रही है। जबकि मैनपाट के हाथी प्रभावित क्षेत्र में हाथियों का आतंक जारी है।

वहीं हाथियों की वजह से बेघर हुए ग्रामीणों को बारिश के इस मौसम में दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हाथियों के बढ़ते आतंक से मैनपाट के हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। वन विभाग की हर योजना हाथी प्रभावित क्षेत्र में दम तोड़ती दिख रही है।

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rampravesh vishwakarma Desk
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