सामूहिक दुष्कर्म के बाद हैवानों ने युवती को दी ऐसी मौत कि सुनकर कांप जाएगी रूह

2 वर्ष पूर्व नाले के पास खेत में नग्न अवस्था में मिला था युवती का शव, कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई मौत होते तक कारावास की सजा

By: rampravesh vishwakarma

Published: 16 May 2018, 02:33 PM IST

अंबिकापुर. 3 युवकों ने एक युवती को अकेला देख पकड़ लिया। इसके बाद वे उसका मुंह दबाकर गांव के नाले पास खेत में ले गए। यहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद हैवानों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने युवती के गुप्तांगों में लकड़ी डालकर हत्या कर दी थी।

घटना 14 दिसंबर 2015 को सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम बांसाझाल में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को धरदबोचा था। मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचरण निवारण अधिनियम) आलोक कुमार ने तीनों को मृत्युपर्यंत कारावास की सजा सुनाई है।


न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार 14 दिसंबर 2015 को लखनपुर के बासांझाल नाला के समीप भोला राम के खेत में एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था। पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया हत्या का मानते हुए विवेचना शुरू कर दी थी लेकिन पुलिस को आगे की विवेचना के लिए पीएम रिपोर्ट का इंतजार था।

पीएम रिपोर्ट में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने व उसके गुप्तांगों में ल$कड़ी डालकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले में आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत धारा 376(घ), 376(क), 201 व 302, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।

मामले में मिले साक्ष्य के आधार पर लखनपुर पुलिस ने लखनपुर के ग्राम पटकुरा के कुकरटांगा निवासी 32 वर्षीय रामलाल यादव पिता त्रिवेणी यादव, 24 वर्षीय बबलू उर्फ तुलेश्वर पिता छत्तर यादव, 21 वर्षीय शिवनारायण यादव पिता स्व. गंगाराम यादव को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार के न्यायालय में की जा रही थी। सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के आधार पर मंगलवार को विशेष न्यायाधीश ने आरोपी रामलाल यादव, बबलू उर्फ तुलेश्वर व शिवनारायण यादव को धारा 376(घ) के तहत मृत्युपर्यंत आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही धारा 376(क) के तहत आजीवन कारावास, 302, 34 के तहत आजीवन करावास व 201 के तहत 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।

rampravesh vishwakarma Desk
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