# Topic of the day : जीन एडिटिंग से फसलों में होता है चमत्कारिक परिवर्तन, किसानों के लिए साबित होगा अमृत- देखें Video

rampravesh vishwakarma

Publish: Feb, 15 2018 08:15:55 PM (IST)

Ambikapur, Chhattisgarh, India
# Topic of the day : जीन एडिटिंग से फसलों में होता है चमत्कारिक परिवर्तन, किसानों के लिए साबित होगा अमृत- देखें Video

'टॉपिक ऑफ द डे' में यूटीडी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष से पत्रिका ने पौधों के जीन में परिवर्तन से होने वाले लाभ पर की चर्चा

अंबिकापुर. जीन एडिटिंग से फसलों की गुणवत्ता व उत्पाद बढ़ाया जाता है। पौधे के कमजोर जीन को एडिट करने के बाद ताकतवर जीन प्रत्यारोपित कर फसलों में सकारात्मक परिणाम लाया जाता है। यह बातें गुरुवार को 'टॉपिक ऑफ द डे' कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग के जैव प्रोद्यौगिकी विभागाध्याक्ष डॉ. आशीष बंजारा ने कही।


डा. बंजारा ने इजराइल में पौधों के जीन एडिटिंग पर रिसर्च किया है। उन्होंने बताया कि जीन एडिटिंग फसलों की दुनिया में एक नया चमत्कार है। जीन एडिटिंग में पौधों के कमजोर व बीमार जीन को चिह्नित करते हैं।

 

कमजोर, बीमार जीन को एडिट कर मजबूत और गुणवत्तायुक्त जीन प्रत्यारोपित कर पौधे का परिणाम देखा जाता है। जीन एडिटिंग के दौरान मौसम, जलवायु का पूरा ध्यान रखा जाता है। कोशिश होती है कि पौधा जलवायु के साथ समन्वय बना सके।


इजरायल में जीन टेक्नालॉली पर विशेष काम कर चुके डॉ. आशीष ने बताया कि जीन एडिटिंग के दौरान पानी की उपलब्धता, जमीन की मिट्टी का विशेष योगदान होता है। पौधा जलवायु के अनुरूप समन्वय स्थापित कर लेगा तभी फसल की पैदावार अच्छी होगी और उत्पादकता बढ़ेगी।

डॉ. बंजारा ने बताया कि जीन एडिटिंग ही ऐसा विकल्प है जो दुनिया की खाद्य समस्या को पूरा करेगा। भारत में कृषि योग्य भूमि को देखते हुए जीन एडिटिंग ही एक मात्र विकल्प है। जीन एडिटिंग से ही उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है।


मौसम परिवर्तन के साथ फसलों में बीमारियों लग जाती है। फसलों में लगने वाली बिमारियों से बचने के लिए जीन एडिटिंग का सहारा लिया जाता है। पौधों के नुकसान पहुंचाने वाले फंगस, बैक्टिरिया को रोक देते हैं। पौधे में ऐसे जीन को प्रत्योरोपित करते है जो पौधे को बीमारी रोधी बना दे। सरगुजा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है।

औषधीय पौधों के साथ विशेष श्रेणी के पौधे सरगुजा क्षेत्र में पाये जाते हैं। जीन एडिटिंग से सरगुजा की औषधीय पौधों के साथ कृषि को श्रेष्ठतम लाभ मिलेगा। सरगुजा के किसानों को वैज्ञानिक कृषि अपनानी होगी।


जेनेटिक इंजीनियरिंग की टेक्नालॉजी है जीन एडिटिंग
जीन एडिटिंग में एक न्यूक्लोटाइड का दूसरे न्यूक्लोटाइड में परिवर्तन और प्रत्यारोपण करते हैं। जैविक तौर पर पौधे में उत्पादकता, गुणवत्ता, बीमारी रोधी बनाने में जीन एडिटिंग का उपयोग किया जाता है।

1
Ad Block is Banned