Video : यहां से निकलती है भगवान शिव की बारात, नाचते-गाते बारात शामिल होते हैं भूत-प्रेत, चुड़ैल

वर्षों से चली आ रही परंपरा का किया जा रहा है निर्वहन, बारात में शामिल भूत-प्रेत, नाग और गंधर्व का जगह-जगह होता है स्वागत

By: rampravesh vishwakarma

Updated: 03 Mar 2019, 04:16 PM IST

अंबिकापुर. 4 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व आस्था के साथ शहर समेत सरगुजा संभाग में मनाया जाएगा। हर वर्ष भोले के भक्तों द्वारा इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। सरगुजा में भगवान शिव के कई मंदिर स्थित हैं।

महाशिवरात्रि पर शहर के प्रतापपुर नाका, सहेली गली स्थित शिव मंदिर से भगवान शंकर की बारात निकलकर पुलिस लाइन स्थित गौरी मंदिर में पहुंचेगी। बारात में भगवान शिव के साथ भूत-प्रेत, नाग, चुड़ैल, गंधर्व नाचते-गाते शामिल होंगे तथा इनका जगह-जगह स्वागत किया जाएगा।

 

फाल्गुन मास की चतुर्दशी को मनाया जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शहर सहित जिलेभर के शिव व गौरी मंदिरों को रंग-रोगन के बाद सजाया जा रहा है। यहां भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। शहर के सहेली गली स्थित शिव मंदिर से भगवान शिव की बारात निकलकर गौरी मंदिर पहुंचेगी।

शिवशंकर कीर्तन मंडली परिवार द्वारा हर वर्ष इस परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा है। इधर गौरी मंदिर में बारातियों के स्वागत के लिए मिठाइयां व अन्य पकवान तैयार किए जा रहे हैं।


इन मंदिरों में भी होगी पूजा-अर्चना
अंबिकापुर के शंकरघाट स्थित शिव मंदिर में भगवान शंकर का जलाभिषेक करने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां बेलपत्र, धतुरा, भांग के साथ पूजा कर जल अर्पण करते हैं। इसके अलावा नगर निगम, गांधीनगर, दर्रीपारा, मायापुर, सत्तीपारा स्थित शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।


देवगढ़ में लगता है मेला
सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के देवगढ़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर्व पर विशाल मेला लगता है। यहां हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर उनका जलाभिषेक करते हैं।

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rampravesh vishwakarma Desk
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