ट्यूमर से सड़ चुका था महिला का जबड़ा, डॉक्टरों ने आर्टिफिशियल जबड़ा तैयार कर 6 घंटे में की सफल सर्जरी

Jaw surgery: सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉक्टर ने की ऑपरेशन की प्लानिंग, सरगुजा जिले का दूसरा सबसे सफल प्लास्टिक सर्जरी कर डॉक्टरों ने बचाई मरीज की जान

By: rampravesh vishwakarma

Published: 20 Sep 2020, 08:24 PM IST

अंबिकापुर. डॉक्टरों को धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। डॉक्टर अपनी कार्यकुशलता व कठिन मेहनत से मरीजों को नई जिंदगी देते हैं। ऐसा ही कुछ अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने फिर कर दिखाया है। 25 वर्षीय एक महिला के जबड़े में ट्यूमर के कारण वह सड़ चुका था, इसे ठीक कर पाना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती थी। (Jaw surgery)

इसके बावजूद डॉक्टरों ने आर्टिफिशियल जबड़ा तैयार कर 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सफल सर्जरी कर महिला को नई जिंदगी दी। डॉक्टरों के इस कार्य की मरीज के परिजन ने काफी सराहना की तथा उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।


बलरामपुर जिला निवासी 25 वर्षीय शांति नामक महिला के जबड़े में ट्यूमर था तथा 6 साल से उसे जबड़े में सूजन की शिकायत थी। महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसके परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया।

यहां सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. एसपी कुजूर ने जांच की तो पाया कि महिला का जबड़ा सड़ चुका है। सर्जरी के बाद ही उसकी जान बचाई जा सकती है। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन की प्लानिंग की। उन्होंने एनेस्थिसिया डॉक्टर के सहयोग से महिला का ऑपरेशन शुरु किया।

चेन्नई से मंगाई गई स्टील की प्लेट व गले की मांसपेशी से आर्टिफिशियल जबड़ा तैयार किया गया। इसके बाद ट्यूमर को निकाला गया और आर्टिफिशियल जबड़ा (Jaw surgery) लगाया है। इस सर्जरी में डॉक्टरों को करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।


दूसरी सबसे सफल सर्जरी
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा यह दूसरी सबसे सफल प्लास्टिक सर्जरी है। इसके पूर्व भी डॉ. एसपी कुजूर व उनकी टीम ने ऑपरेशन कर एक मरीज को जिंदगी दी थी।

डॉक्टर कुजूर ने बताया कि महिला अब अपनी बीमारी से उबर चुकी है। अब जबड़े को पूर्व रूप में आने में 1 महीने का समय लगेगा। इसके बाद महिला पूर्व की तरह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। (Jaw surgery)


परिजनों ने जताया आभार
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने जिस ऑपरेशन को चंद रुपए खर्च कर बड़ी सफलता से कर डाला, उसे बड़े शहरों व निजी अस्पतालों में कराने में मरीज के परिजन को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते।

महिला के परिजनों ने डॉक्टरों का आभार जताया और उनकी सराहना की। पीडि़त महिला को नई जिंदगी मिलने से उसके परिजनों के चहरे पर रौनक नजर आई।

rampravesh vishwakarma Desk
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