नेता प्रतिपक्ष टीएस ने पहली बार जीते विधायकों को 10 में से दिए मात्र इतने अंक, फिर भी टिकट तय

नेता प्रतिपक्ष टीएस ने पहली बार जीते विधायकों को 10 में से दिए मात्र इतने अंक, फिर भी टिकट तय

Ram Prawesh Wishwakarma | Publish: Sep, 06 2018 02:12:27 PM (IST) Ambikapur, Chhattisgarh, India

टीएस का कहना कि इन विधायकों के साथ प्रशासन करता आया है सौतेला व्यवहार, टीएस ने इन चारों विधायकों को दिए बी ग्रेड

अंबिकापुर. अविभाजित सरगुजा जिले से विधानसभा चुनाव 2013 में सरगुजा संभाग में कांग्रेस के 4 विधायक पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बने थे। संगठन विपक्ष में रहकर भी इन विधायकों द्वारा लगातार जनसम्पर्क करने और उनके हक के लिए लड़ाई लडऩे को टिकट वितरण के लिए महत्वपूर्ण मान रही है।

कांग्रेस कमेटी पहली बार चुनाव लड़े चारों विधायकों को 10 में से 6.5 अंक देने की बात कर रही है। वहीं इन चारों विधायकों में से किसी को ए ग्रेड नसीब नहीं हुआ। इसके बावजूद उनकी टिकट इस विधानसभा चुनाव में भी लगभग तय मानी जा रही है।


लुण्ड्रा, रामानुजगंज, भटगांव व सामरी क्षेत्र के कांग्रेस विधायक पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। लुंड्रा से संत गहिरागुरू के बेटे चितामणी महाराज, सामरी से डॉ. प्रीतम राम, भटगांव से पारसनाथ राजवाड़े व रामानुजगंज से वृहस्पति सिंह ने भाजपा के दिग्गजों को हराया था। इसमें सबसे चौंकाने वाला परिणाम रामानुजगंज से आया था।

जहां राज्यसभा सदस्य व पांच बार से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे रामविचार नेताम को वृहस्पति सिंह ने हराया था। वहीं भटगांव की पूर्व विधायक रजनी रविशंकर त्रिपाठी को कांग्रेस प्रत्याशी पारसनाथ राजवाडे जो पहली बार चुनाव लड़ रहे थे, उन्होंने पटखनी दी थी। इसके साथ ही सामरी विधायक डॉ. प्रीतम राम ने संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा को चुनाव में हराया था। लुण्ड्रा विधायक चिंतामणी महाराज ने भाजपा के विजयनाथ सिंह को हराया था।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी चारों विधायकों के कार्यकाल को अच्छा माना है। संगठन के अनुसार ये चारों विधायक पहली बार चुनाव जीतने के बावजूद आम जनता के लगातार सम्पर्क तथा समाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। इधर नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार पहली बार जीतने वाले विधायकों के साथ सौतेला व्यवहार करने का दावा नेता प्रतिपक्ष ने किया।

इन चारों विधायकों को टीएस ने 10 में से 6.5 अंक दिए हैं। उनका कहना है कि संगठन में इनका कोई विरोध नहीं है। सिर्फ कुछ लोगों का काम नहीं करा सके इसकी वजह से उनका 3.5 अंक काटा गया है।


लगातार जनसम्पर्क को कांग्रेस मान रही है बड़ी उपलब्धि
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चारों विधायक विपक्ष के थे। विपक्ष में रहकर किसी भी काम को करा पाना काफी कठिन होता है। लेकिन चारों विधायक लोगों के सुख-दुख में खड़े नजर आए। आम नागरिकों के हक की लड़ाई करते नजर आए। यह बड़ी उपलब्धि है। इसकी वजह से ही इन सभी का टिकट तय माना जा रहा है।


विवादों में घिरे रहे है रामानुजगंज विधायक वृहस्पति सिंह
2 महीने पूर्व वाट्सएप ग्रुप में पोर्न वीडियो वायरल करने के कारण रामानुजगंज विधायक वृहस्पति सिंह की काफी किरकिरी हुई थी। इसके साथ ही कई बार वे अपने बातों से भी विवादों में रहे हैं। पोर्न वीडियो के मामले में उनकी काफी किरकिरी होने के बाद उन्होंने मोबाइल गुम होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी।


स्क्रीनिंग कमेटी के सामने जताई नाराजगी
स्क्रीनिंग कमेटी बुधवार को लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से विधायक के बारे में पूछताछ कर रहे थे। उसी समय वृहस्पत सिंह व चिंतामणी महाराज की उम्मीदवारी को लेकर लोगों ने जमकर विरोध जताया। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि कुछ लोगों का काम नहीं करने की वजह से व संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने की वजह से ऐसा हो सकता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि उनका क्षेत्र में विरोध है।


नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों को दिए ये ग्रेड
वृहस्पति सिंह बी
डॉ. प्रीतम राम बी
चिंतामणी महाराज बी
पारसनाथ राजवाड़े बी


प्रशासन का व्यवहार सौतेला
सभी विधायक पहली बार चुनाव लड़े थे। सभी अपने क्षेत्र में काफी सक्रिय रहे हैं। विपक्ष के विधायक होने के बावजूद वे लोगों के लिए हमेशा लड़ते रहे हैं लेकिन प्रशासन का व्यवहार हमेशाा सौतेला रहा है। इसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसमें डॉ. प्रीतम राम व पारसनाथ राजवाड़े काफी शालीन हैं। जबकि वृहस्पति सिंह व चिंतामणी महाराज उग्र थे और वे लोगों के लिए लड़ते रहे हैं। इसी आधार पर उनकी टिकट दोबारा तय हो सकती है।
टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष

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