जमीन विवाद में ग्रामीण की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा

Lifetime imprisonment: 2 वर्ष पूर्व पत्नी के साथ नए घर जा रहे ग्रामीण की पिता-पुत्र ने टांगी व डंडे से मारकर की थी हत्या (Murder), दोनों को भेजा गया था जेल (Jail)

By: rampravesh vishwakarma

Published: 01 Dec 2020, 07:59 PM IST

अंबिकापुर. जमीन विवाद पर 2 वर्ष पूर्व पिता-पुत्र ने अपने ही गांव के एक ग्रामीण की कुल्हाड़ी व डंडे से मार कर हत्या (Murder) कर दी थी। मृतक के पुत्र की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर में चल रही थी।

मामले में कोर्ट ने पिता-पुत्र को हत्या (Murder case) के मामले में दोषी पाते हुए 1 दिसंबर को धारा 302, 34 के तहत आजीवन कारावास (Lifetime imprisonment) व 10-10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।


गौरतलब है कि लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तराजू निवासी रामनाथ का गांव के ही तुलेश्वर सिंह 32 वर्ष व उसके पिता धोबी राम 60 वर्ष से जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। 26 नवंबर 2018 की सुबह 11.30 बजे रामनाथ अपनी पत्नी के साथ अपने नए घर कंवरपारा जा रहा था।

इसी दौरान तुलेश्वर सिंह व धोबी राम ने उनका रास्ता रोक लिया, तभी तुलेश्वर ने हाथ में रखी टांगी से रामनाथ के गर्दन पर वार कर दिया, जबकि धोबी राम ने डंडे से मारा। इससे रामनाथ की मौके पर ही मौत (Death) हो गई। इसके बाद पिता-पुत्र फरार हो गए। इसकी रिपोर्ट रामनाथ के पुत्र ने लखनपुर थाने में दर्ज कराई थी।

उसने बताया था कि जमीन विवाद पर तुलेश्वर व धोबी राम उसके पिता की हत्या करने की बात कहते थे। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 302, 34 के तहत अपराध दर्ज कर दोनों को 27 नवंबर 2018 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


पिता-पुत्र को मिला आजीवन कारावास
हत्या के मामले की सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर में चल रही थी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने 1 दिसंबर को मामले में फैसला सुनाते हुए हत्या (Murder) के आरोपी तुलेश्वर सिंह व उसके पिता धोबी राम को आजीवन कारावास (Lifetime imprisonment) व 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। प्रार्थी की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक हेमंत तिवारी ने पैरवी की।

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