शौकीनों ने पहले दिन रिकॉर्ड 74.77 लाख रुपए की खरीदी शराब, खत्म हो गए स्टॉक, दूसरे दिन रही वीरानी

Liquor shop: जिले की 1 देशी व 6 विदेशी मदिरा दुकानों में सामान्य दिनों की बिक्री औसत से काफी मात्रा में बिकी शराब, मनमाना ब्रांड नहीं मिलने से दूसरे दिन कम रही भीड़

By: rampravesh vishwakarma

Published: 05 May 2020, 06:32 PM IST

अंबिकापुर. 43 दिन बंद के बाद सोमवार को शराब दुकानें खुलने की अनुमति शासन ने दी। दुकान खुलने से पहले खरीदारों की लंबी लाइन लग गई थी। सरगुजा जिले के एक देशी व 6 विदेशी शराब दुकानों से रिकॉर्ड 74 लाख 77 हजार 260 रुपए की शराब बिकी। यह आंकड़ा आबकारी विभाग द्वारा बताया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी का मानना है कि यह बिक्री सामान्य दिनों की औसत से काफी ज्यादा है। एक दिन में इतनी ज्यादा शराब की बिक्री हुई कि जिले के सभी ठेके से शराब के स्टॉक खत्म हो गए।

ठेका खुलने के पहले दिन शराब प्रेमियों की काफी भीड़ देखी गई थी। वहीं दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी ठेके पर काफी कम लोग नजर आए। लोगों को मनचाहा ब्रांड न मिलना भी एक कारण रहा।


कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। संक्रमण से बचाने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। इसी बीच सरकार ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए लॉकडाउन में शराब ब्रिकी की परमिशन दे दी थी। शराब दुकान खुलने की परमिशन मिलते ही शराब के शौकीनों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

हाल ये हुआ कि सोमवार सुबह दुकान खुलने से पहले ही खरीददारों की लंबी लाइन लग गई थी। सुबह ६ बजे से ही मदिरा प्रेमी दुकान के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे। शासन के आदेश के अनुसार निर्धारित समय पर सुबह 8 बजे शराब दुकानों के शटर उठते ही शराब प्रेमियों ने ताली बजाकर स्वागत किया और शाम 7 बजे तक शराब की खरीदारी की।

जिला अबाकारी अधिकारी का दावा है कि जिले के एक देशी व 6 विदेशी शराब दुकान से 74 लाख 77 हजार 260 रुपए की शराब की बिक्री हुई है। इसमें बीयर भी शामिल है। ये बिक्री आम दिनों की अपेक्षा दो गुनी से भी ज्यादा है।

शौकीनों ने पहले दिन रिकॉर्ड 74.77 लाख रुपए की खरीदी शराब, खत्म हो गए स्टॉक, दूसरे दिन रही वीरानी

शराब खरीदकर रखा स्टॉक
शराब प्रेमियों को आशंका है कि सरकार कभी भी शराब बिक्री पर फिर रोक लगा सकती है। इसलिए लोगों ने अधिक से अधिक शराब खरीदकर स्टॉक रख लिया है। शराब बिक्री पर ४३ दिन से बैन लगा हुआ था। वहीं ठेके पर रोज-रोज भीड़ न लगे इसके लिए लोग जितनी शराब लेागों द्वारा मांगी जा रही थी, उन्हें दिया जा रहा था।


स्टॉक हो गए खत्म
जिला आबकारी विभाग का कहना है कि जिले में शराब की स्टॉक होली से पहले मंगाई गई थी। इस बीच मार्च में ही लॉकडाउन हो जाने से शराब की दुकानें बंद कर दी गई थीं। इस कारण दुकान में पूरा शराब बचा हुआ था। शासन के निर्देश पर सोमवार दुकान खुलते ही सभी स्टॉक खत्म हो चुके हैं। कुछ दिनों में नए स्टॉक आने की उम्मीद है।


दूसरे दिन नहीं दिखी भीड़
43 दिन से बंद होने के कारण शराब प्रेमी काफी परेशान थे। लोग शराब को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मैसेज कर रहे थे। वहीं सोमवार को शराब दुकान खुलते ही शौकीनों की दुकान के बाहर काफी भीड़ लग गई। वहीं दूसरे दिन भीड़ नहीं के बराबर देखी गई। दूसरे दिन दुकान में मांग के अनुसार ब्रांड भी उपलब्ध नहीं थे।


देशी शराब दुकान में कम हुई बिक्री
देशी शराब दुकान में काफी कम ब्रिक्री का मामला सामने आया है। सबसे ज्यादा बिक्री गंगापुर शराब दुकान से हुई है। देशी शराब दुकान में कम बिक्री होने का कारण लॉकडाउन सामने आ रहा है। लोगों का ऐसा मानना है कि देशी शराब का सेवन गरीब तबके के लोग करते हैं। इनके बीच लॉकडाउन में काम-धंधा व रुपए की आवक-जावक न होने के कारण लोग देशी शराब खरीदने नहीं पहुंचे।


चार बजे तक की खुलेंगी दुकानें
लॉकडाउन के 43 दिन बाद शासन के निर्देश पर जब सोमवार को शराब दुकान खोलने का निर्देश दिया गया था तो टाइम सुबह 8 से शाम 7 बजे तक था। आबकारी उप निरीक्षक रंजीत गुप्ता ने बताया कि अब विभाग द्वारा नया समय जारी किया गया है। अब शाम 4 बजे तक ही दुकानें खुली रहेंगी। मंगलवार को चार बजते ही दुकानें बंद करा दी गईं।


आम दिनों की अपेक्षा काफी ज्यादा बिकी शराब
लॉकडाउन में 40 दिनों से शराब दुकानें बंद थी। शासन के निर्देश पर जब खोली गईं तो सोमवार को 74 लाख 77 हजार 260 रुपए की बिक्री हुई, जो आम दिनों की अपेक्षा काफी ज्यादा है।
रंजीत गुप्ता, आबकारी उप निरीक्षक

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