नेता प्रतिपक्ष कौशिक बोले- सीएम रोज रात सपना देखकर सुबह धान खरीदी पर जारी करते हैं नया आदेश, दिग्विजय सिंह के बारे में ये कहा

Political News: धरमलाल कौशिक ने कहा- प्रदेश में माओवादी गतिविधियों में हुआ है इजाफा, कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है

By: rampravesh vishwakarma

Published: 18 Feb 2020, 06:41 PM IST

अंबिकापुर. किसानों की धान खरीदी को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाई थी, सरकार बनने के बाद कांग्रेस की कथनी व करनी में अंतर आ गया है। किसान धान खरीदी को लेकर सडक़ पर हैं और चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई है। मुख्यमंत्री रोज रात में सपने देखते हैं और सुबह उठकर धान को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।

वे हर दिन नए आदेश जारी कर रहे हैं, इसकी वजह से अधिकारी भी परेशान हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, प्रदेश में माओवादी गतिविधियां भी बढ़ गईं हैं। ऐसा लग रहा है जैसे प्रदेश में उनकी ही सरकार बन गई है। उक्त बातें मंगलवार को प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कही।


सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनाने से पूर्व कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदेंगे। सबसे पहले तो इनका घोषणा पत्र ही झूठ निकला। सरकार ने प्रदेश में 90 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा था, लेकिन किसानों के पंजीयन के बाद लक्ष्य को साइड में रख दिया गया।

पिछले 15 वर्ष के दौरान 1 एकड़ रकबा वाले किसानों से 15 क्विंटल धान खरीदा जाता था, कांग्रेस की सरकार ने यहीं से पहली कटौती की। अब सरकार रकबा में कटौती कर किसानों को परेशान कर रही है, ताकि किसान धान बेचने समितियों में न पहुंच सकें। पहले 1 से 15 नवंबर तक धान खरीदी की जाती थी।

इस बार प्रदेश सरकार ने 1 दिसम्बर से धान खरीदी शुरू की। सरकार ने किसानों से 15 फरवरी तक धान खरीदी किए जाने का आदेश जारी किया था, इसे बढ़ाते हुए उन्होंने 20 फरवरी कर दिया। इसके बावजूद किसान समितियों में धान बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। चौथे टोकन के बारे में अभी तक सरकार द्वारा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।

इसकी वजह से किसान परेशान हैं और उनमें अफरा-तफरी मची हुई है। किसान खुद सडक़ पर है और सरकार उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से कहा कि धान खरीदी की तिथि बढ़ाएं।

इस दौरान पूर्व श्रम एवं खेल मंत्री भइयालाल राजवाड़े, भाजपा प्रदेश सचिव अनुराग सिंहदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, किसान मोर्चा के भारत सिंह सिसोदिया, अनिल अग्रवाल, प्रभात खलखो, रामलखन सिंह, निश्चल सिंह, शैलेष सिंह, तजिन्दर सिंग बग्गा, संतोष दास, विनोद हर्ष, मनोज गुप्ता व अन्य उपस्थित थे।


साफ्टवेयर नहीं ले रहा चौथा टोकन
किसानों का धान बचे होने की वजह से समितियों द्वारा चौथा टोकन जारी किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने जो साफ्टवेयर जारी किया है, वह चौथा टोकन ले ही नहीं रहा है। इसकी वजह से टोकन जारी होने के बाद भी किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसान परेशान हंै।

इसके साथ ही इस वर्ष पांच बार असमय बारिश हुई, इसकी वजह से एक-एक सप्ताह तक खरीदी बंद रही। वहीं त्यौहारों व छुट्टियों में भी धान खरीदी बंद होने से कुल 25 दिन धान खरीदी प्रभावित रही।


रकबा घटा कर छल कर रही है सरकार
किसानों का धान खरीदने के लिए पंजीयन करने के बाद से ही सरकार ने किसानों का धान नहीं खरीदने के लिए उनका रकबा कम कर दिया। किसानों से सहमति लेने के बाद लगभग 10 हजार 987 हेक्टेयर रकबा तथा गिरदावली के आधार पर लगभग 14 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा कम कर दिया गया। सरकार द्वारा 10 किसानों से एक सहमति पत्र भरवाया गया था, इस आधार पर उनसे 39 हजार 372 टन धान खरीदने से इनकार कर दिया गया।


सीएम रोज रात में सपना देख जारी करते हैं आदेश
मुख्यमंत्री रोज रात को सपना देखते हैं और सुबह नया आदेश जारी करते हैं। सुबह धान के संबंध में इतनी बातें करते हैं कि बीते 15 वर्ष के दौरान डॉ. रमन सिंह ने 15 बार भी नहीं कही होगी। पटवारी व तहसीलदार किसानों को परेशान कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की परम्परा है कि छोटे किसानों के घर की महिलाओं को जब जरूरत होती है तो वे टोकरियों व पुरुष साइकिल में धान लेकर हाट बाजार में खरीददार को बेचते थे, उससे मिलने वाले पैसे से वे घर के लिए जरूरत का सामान खरीद कर लाते हैं, लेकिन आज प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें परेशान कर रख दिया है।


मंत्रियों के बयान बता रहे, कैसी चल रही सरकार
धरमलाल कौशिक ने धान खरीदी को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पिछले दिनों प्रदेश के 2 मंत्रियों ने धान को लेकर जिस तरह का संवाद किया था, उससे ही पता चलता है कि प्रदेश में सरकार कैसे चल रही है। खाद्य मंत्री जिले के हंै इसके बावजूद किसान परेशान हो रहे हैं और वे इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।


प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ी
धरम लाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार आई है, कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। रोज हत्या, चोरी के वारदातों की सूचना मिलती है। माओवादी घटना पहले सिर्फ बस्तर में होती थी, वहां भी पूर्व की अपेक्षा माओवादी गतिविधियां बढ़ी हैं। बस्तर के साथ-साथ सरगुजा के बलरामपुर जिले में माओवादियों ने गतिविधियां बढ़ा दी हैं। ऐसा वे समझ रहे हैं जैसे उनकी सरकार आ गई है। घटनाओं में और वृद्धि हो, इससे पहले ही सरकार को सचेत करना जरूरी है।


दिग्विजय सिंह अपनी चिंता करें
अंबिकापुर प्रवास के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अमित शाह को लेकर पार्टी में ही असंतोष है। इसे लेकर धरम लाल कौशिक ने कहा कि दिग्विजय सिंह को भोपाल की जनता ने बता दिया है। वे अपनी चिंता करें,भाजपा की चिंता करना छोड़ें।

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