निगम में नेता प्रतिपक्ष बने प्रबोध मिंज, नाम घोषणा के बाद भाजपा कार्यालय के बाहर बनी हाथापाई की स्थिति

Political News: अंबिकापुर निगम में भाजपा के 20 पार्षदों में अधिकांश ने पर्यवेक्षक दल के सामने प्रबोध मिंज के नाम पर जताई सहमति

By: rampravesh vishwakarma

Published: 01 Mar 2020, 07:03 PM IST

अंबिकापुर. भाजपा के नगर निगम चुनाव प्रभारी व विधायक नारायण चंदेल ने रविवार को पार्षदों की बैठक लेकर विपक्ष का नेता तय कर निर्णय बताया। निगम में भाजपा पार्षदों का नेतृत्व पूर्व महापौर प्रबोध मिंज करेंगे।

नाम की घोषणा के साथ ही कुछ पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए निर्णय को अपील समिति के समक्ष पेश करने की बात कही। वहीं भाजपा कार्यालय के बाहर 2 गुटों में इसे लेकर हाथापाई की नौबत आ गई।


भाजपा प्रदेश कमेटी द्वारा अंबिकापुर नगर निगम हेतु नेता प्रतिपक्ष तय करने हेतु निगम चुनाव के प्रभारी नारायण चंदेल को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। नारायण चंदेल ने रविवार दोपहर 2 बजे भाजपा कार्यालय पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष के लिए सभी दावेदारों के संबंध में जानकारी एकत्रित की।

इस दौरान उन्होंने बंद कमरे में एक-एक पार्षद से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनसे रायशुमारी की। कमरे में उनके अलावा और कोई अन्य नेता नहीं था। चंदेल ने सबकी बातें सुनीं और बाहर आकर अपना निर्णय सुनाया। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोगों ने पूर्व महापौर प्रबोध मिंज के नाम पर अपनी सहमति जताई है।

Video: निगम में नेता प्रतिपक्ष बने प्रबोध मिंज, नाम घोषणा के बाद भाजपा कार्यालय के बाहर बनी हाथापाई की स्थिति

इसकी वजह से उन्हें भाजपा पार्षद दल का नेता नियुक्त किया गया। इस निर्णय से जहां प्रबोध मिंज समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं कुछ पार्षदों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया।

बैठक में भाजपा प्रदेश सचिव अनुराग सिंहदेव, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री भारत सिंह सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, करताराम गुप्ता, नगर अध्यक्ष विधानंद मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।


असंतुष्ट नजर आए पार्षद
भाजपा पार्षदों ने पर्यवेक्षक द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ असंतोष जाहिर किया। कुछ पार्षदों का कहना था कि युवा वर्ग को नेतृत्व देना चाहिए। ऐसे में युवा वर्ग कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में पार्षद मधुसूदन शुक्ला, रमेश जायसवाल, विकास वर्मा को भी शामिल किया गया था।

पर्यवेक्षक के निर्णय के बाद भाजपा कार्यालय में जमकर तू-तू-मंै-मैं हुई और यह विवाद सडक़ पर पहुंच गया। पार्षदों का कहना था कि जब इस निर्णय के खिलाफ 20 में से 15 पार्षदों ने आपत्ति जताई तो फिर किस आधार पर प्रबोध मिंज का नाम तय कर दिया गया। निर्णय को अपीलीय समिति के समक्ष चुनौती देने की बात कही गई।


अपील समिति को भेजा गया पत्र
भाजपा पार्षदों ने निर्णय के खिलाफ अपील समिति को पत्र प्रेषित कर सभी स्थिति से अवगत करा दिया है। अब इस निर्णय पर अंतिम मुहर अपीलीय समिति द्वारा लगाया जाएगा।

सरगुजा भाजपा से जुड़ीं खबरें पढऩे के लिए क्लिक करें- BJP Surguja

BJP
Show More
rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned