बर्खास्तगी के विरोध में 300 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का सामूहिक इस्तीफा, कहा- गोबर बेचकर सरकार के लिए जमा करेंगे रुपए

Resignation: प्रशासन द्वारा 50 संविदा कर्मियों को बर्खास्त किए जाने के बाद उठाया कदम, अभी भी नियमितीकरण की मांग को लेकर अड़े हुए हैं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी

By: rampravesh vishwakarma

Published: 23 Sep 2020, 10:28 PM IST

अंबिकापुर. प्रदेश के विभिन्न जिलों में आंदोलन कर रहे 50 संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके विरोध में जिले के 300 से ज्यादा कर्मचारियों ने सीएमएचओ के समक्ष सामूहिक इस्तीफा (Resignation) दे दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अब व ेबेरोजगार हो गए हैं और वे गोबर बेचकर मंत्रियों व सांसदों के लिए रुपए इकट्ठा करेंगे, ताकि उनकी भविष्य निधि के लिए काम आ सके।

नियमितीकरण की मांग को लेकर जिले भर के एनएचएम कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर हंै। वे इस बात पर अड़े हुए हैं कि उनकी मांग पूरी होने पर ही अब वे आंदोलन से वापस होंगे। वहीं रविवार को सीएचएमओ ने उन्हें 24 घण्टे का अल्टीमेटम देते हुए काम पर वापस लौटने का आग्रह किया था।

कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वे हड़ताल पर डटे रहे। इस दौरान कार्रवाई के डर से कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर वापस लौट गए हैं।

संविदा कर्मचारियों की इस हड़ताल से जिले भर में अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गई है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है रेगुलर कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं, लेकिन जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक कोरोना जांच पर कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर पड़ा है।


गौरतलब है कि नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिले के लगभग चार सौ से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर व्यापक असर पड़ा है।

कार्य में कमी आने के कारण रविवार को सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया ने कर्मचारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम के बावजूद नहीं लौटने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इस दौरान कार्रवाई की डर से कुछ कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। लेकिन अधिकांश कर्मचारी जो अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं।

वहीं राज्य के विभिन्न जिलों में हड़ताल पर अडिग़ 50 से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशासन द्वारा बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। इसे लेकर प्रदेश भर के संविदा कर्मचारियों के बीच नाराजगी है। कार्रवाई से जिले के नाराज कर्मचारियों ने सीएमएचओ कार्यालय पहुंच कर सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया के समक्ष त्याग पत्र सौंप दिया। (Resignation)


गोबर बेचकर शासन को देंगे रुपए
नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने त्याग पत्र दे दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि अब हम लोग बेरोजगार हो गए हैं। इस दौरान मंत्रियों व सांसदों के लिए गोबर बेचकर रुपए इकठ्ठा करेंगे, ताकि उनकी भविष्य निधि में और राशि जमा हो सके।


मांगों के संबंध में नहीं लिया गया निर्णय
त्याग पत्र में कर्मचारियों ने कहा कि पिछले १५ वर्षों से अपनी मांगों के संबंध में राज्य सरकार को नियमित रूप से अवगत कराया जा रहा है। लेकिन मांगों के संबंध में किसी तरह की सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल पर जाने के बाद राज्य शासन द्वारा कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर में 50 एनएचएम संविदा कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया जो उचित नहीं है।


कई कामों पर पड़ रहा असर
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में संविदा कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इनके हड़ताल पर चले जाने से रेगुलर कर्मचारियों पर वर्क लोड बढ़ गया है। कोरोना कॉल में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। विशेषकर मैदानी क्षेत्र में हाल और ही बुरा हो चुका है।

उपचार से लेकर सैंपलों को इकठ्ठा करना, मरीजों को भर्ती करना, होम आइसोलेशन में जाकर मरीजों को चेक करना, रिपोर्ट तैयार करना सहित कई काम प्रभावित हुए हैं। हालांकि सीएमएचओ पीएस सिसोदिया का कहना है कि इनके हड़ताल पर जाने से कोई फर्क नहीं पड़ा है। रेगुलर कर्मचारी पूरा काम संभाले हुए हैं।

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