scriptSnakeman: Snakeman Satyam saved life of Naag from CPR technique | इंसानों को बचाने की इस तकनीक से स्नेकमैन सत्यम ने नाग सांप की बचाई जान, राज्य में पहली बार हुआ ऐसा | Patrika News

इंसानों को बचाने की इस तकनीक से स्नेकमैन सत्यम ने नाग सांप की बचाई जान, राज्य में पहली बार हुआ ऐसा

Snakeman: स्नेकमैन के नाम से प्रसिद्ध सत्यम द्विवेदी (Snakeman Satyam Dwivedi) ने 2500 जहरीले व बिना जहर वाले सांपों का किया है रेस्क्यू, जिस विधि से नाग सांप (Naan snake) को बचाया वह आम तौर पर डॉक्टर जानवरों को बचाने में करते हैं उपयोग, पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने भी मान ली थी हार

अंबिकापुर

Published: December 01, 2021 03:02:03 pm

अंबिकापुर. Snakeman: इंसानों को बचाने के लिए आमतौर पर डॉक्टर सीपीआर तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इस विधि से कई लोगों की जान बच चुकी है।

इधर स्नेकमैन के नाम से प्रसिद्ध अंबिकापुर के सत्यम द्विवेदी ने इंसानों को बचाने वाली इस तकनीक का इस्तेमाल नाग सांप पर किया और उसकी जान बच गई, जबकि पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर कहा था कि उसका बच पाना नामुमकिन है।
Snakeman Satyam Dwivedi save life of snake
Snakeman Satyam Dvivedi

सांपों का नाम सुनते ही शरीर सन्न रह जाता है। विशेषज्ञ सांपों को न मारने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि हर सांप जहरीला नहीं होता है, वह तभी किसी को डसता है जब सामने वाले से उसे डर होता है।
कई लोगों सांपों को देखते ही मार डालते हैं। कई बार सांप को मारकर घायलावस्था में छोड़ दिया जाता है, ऐसे में वह कुछ दिन बाद दम तोड़ देता है। सांपों को बचाने में कई लोग लगे हुए हैं। ऐसा ही एक युवा अंबिकापुर के मिशन चौक निवासी 24 वर्षीय सत्यम द्विवेदी है। सत्यम द्विवेदी सरगुजा संभाग में स्नेकमैन (Snakeman) के नाम से प्रसिद्ध है।
अब तक उसने 2500 सांपों की जान बचाई है। इस बार सत्यम ने ऐसी तकनीक से जहरीले घायल नाग सांप की जान बचाई है जिसका उपयोग डॉक्टर इंसानों की जान बचाने में करते हैं। उस तकनीक का नाम सीपीआर है।
Snakeman
IMAGE CREDIT: Snakeman of Surguja
नाग सांप का बचना था नामुमकिन
पिछले दिनों किसी ने लोहे के मोटे रॉड से नाग सांप को मारकर घायल कर दिया था। सांप अंतिम सांस ले रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही स्नेकमैन सत्यम द्वारा उसे पशु चिकित्सालय ले जाया गया। उसकी हालत देखकर डॉक्टरों ने कहा कि इसकी जान बचना मुश्किल है, फिर भी उन्होंने उसका इलाज किया।
इधर सत्यम ने सीपीआर तकनीक का इस्तेमाल कर उसे अपने मुंह से सांस दी तो पूछ में हलचल हुई। कुछ देर बाद वह हल्का चलने लगा। जब हालत सामान्य हो गई तो उसे दूर जंगल में छोड़ दिया गया।
स्नेकमैन सत्यम ने बताया कि पूर्व में भी वह फोरेट जैसी जहरीली दवाओं से बेहोश हुए सांपों को सीपीआर दिया था लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई थी, इस बार वे कामयाब हुए।


क्या है सीपीआर विधि
सीपीआर तकनीक किसी मरीज या घायल व्यक्ति की जान बचाने का एक बहुत महवपूर्ण तरीका है। सीपीआर का फुल फॉर्म "कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन" (cardio pulmonary resuscitation) है। इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपातकालीन स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टर इसका उपयोग अक्सर करते हैं।

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