scriptStones eating man: A man who eats stones lives in Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ में रहता है पत्थर खाने वाला इंसान, इसी दैवीय शक्ति से करता है लोगों के कष्ट दूर | Patrika News

छत्तीसगढ़ में रहता है पत्थर खाने वाला इंसान, इसी दैवीय शक्ति से करता है लोगों के कष्ट दूर

Stones Eating Man: दुनिया में ऐसे-ऐसे लोग होते हैं जो कुछ ऐसा चमत्कार (Miracle) करते हैं जिसे देखकर अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता है, ऐसा लगता है उन्हें कोई दैवीय शक्ति (Devine Power) प्राप्त है, ऐसा ही एक इंसान छत्तीसगढ़ में रहता है जो खाना खाने के साथ ही पत्थर भी खाता है

अंबिकापुर

Published: April 01, 2022 01:04:07 pm

अंबिकापुर. Stones Eating Man: हमारे सामने कई हैरान (Shocking) करने वाली घटनाएं होती हैं, जिसे देखकर आंखों पर तो विश्वास भी नहीं होता है। लगता है कि ऐसा कैसे हो गया? हम सोचते हैं कि ऐसा तो सिर्फ भगवान ही कर सकता है, लेकिन धरती पर आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो आपको अपनी शक्ति से अचंभित कर देते हैं। ऐसा ही एक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अंतर्गत बगीचा क्षेत्र में हैं। वह खाना तो खाता ही है लेकिन साथ में पत्थर भी खा (Stones eating) जाता है। उसे देखकर ऐसा लगता है कि जरूर कोई न कोई दैवीय शक्ति (Devine power) उसके पास होगी। पत्थर खाकर वह अपने पास आने वाले लोगों का इलाज करता है। उसका कहना है कि वह पत्थर के रूप में लोगों का कष्ट खाता है। लोग उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और वह पत्थर खाकर नि:शुल्क उनके कष्ट दूर करता है।
Stones eating man
Santosh Lakra who eats stones

हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत छिपाताला गांव निवासी संतोष लकड़ा की। 51 वर्षीय संतोष लकड़ा पिछले 11 साल से निरंतर पत्थर खा रहा है। ऐसा नहीं है कि वह खाना नहीं खाता है। वह सिर्फ शुक्रवार को ही पत्थर खाता है। ईसाई धर्म में आस्था रखने वाले संतोष सभी देवी-देवताओं को मानते हैं।
शुक्रवार को उनके पास दूर-दराज से लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इस दौरान वे उस समस्या या बीमारी के नाम का पत्थर खाकर उसका कष्ट हर लेते हैं। यहां आने से लोगों के कष्ट दूर भी होते हैं।
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खा चुके हजारों पत्थर, नहीं हुई कोई बीमारी
आम इंसान यदि पत्थर खा जाए तो उसे बीमारी होने का खतरा रहता है लेकिन संतोष लकड़ा देखते ही देखते करीब 1 इंच साइज के 4-5 पत्थर एक साथ खा जाते हैं। उनका कहना है कि वे उनके पास आने वाले व्यक्ति का कष्ट पत्थर के रूप में खा जाते हैं। पत्थर खाने (Stones eating) से आज तक उन्हें कोई बीमारी या तकलीफ नहीं हुई। वे इन 11 सालों में हजारों पत्थर खा चुके हैं।
Stone eating
IMAGE CREDIT: Santosh Lakra who eats stones
हर शुक्रवार लगती है भीड़
व्यक्ति के कष्ट व समस्या को पत्थर (Stones) के रूप में खाने वाले संतोष लकड़ा के पास हर शुक्रवार को भीड़ लगती हैं। एक कमरे में उन्होंने देवी-देवताओं की प्रतिमाएं लगा रखी हैं। यहीं वे उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
जिस व्यक्ति का कष्ट दूर करना होता है उसके सामने ही वे कष्ट के नाम का 4-5 पत्थर खाते हैं। फिर उस व्यक्ति का हाथ पकडक़र देवी-देवताओं का आह्वान कर दुख दूर करने की कामना करते हैं।

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