मां के स्वागत को आतुर पूरा शहर, जगह-जगह सजाये जा रहे पंडाल

शारदीय नवरात्रि के लिए मंदिरों में रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण पर है और शहर के प्रमुख देवी मंदिरों की सजावट का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

By: सूरज राजपूत

Published: 12 Oct 2015, 01:01 PM IST

अंबिकापुर. शारदीय नवरात्रि के लिए मंदिरों में रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण पर है और शहर के प्रमुख देवी मंदिरों की सजावट का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। देवी के दरबार में अखंड ज्योत तो जलेंगे ही, लेकिन इसके अलावा रंग-बिरंगी झालरों, एलईडी लाइट से माता के दरबार की सुंदरता को चार-चांद लगेगा। शहर में कोलकता की तर्ज पर मां दुर्गा की पूजा की जाती है। कोलकाता का छोटा रूप दुर्गोत्सव में नजर आएगा। 13 अक्टूबर से दुर्गोत्सव की शुरूआत होगी। इसके लिए शहर में पंडाल बनकर तैयार हो गए हैं। मूर्ति कलाकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजन करने का प्रावधान है। पितृ पक्ष के समाप्त होते ही नवरात्रि की शुरूआत 13 अक्टूबर से होगी और इसके लिए शहर के देवी मंदिरों में रंग-रोगन व सजावट का कार्य अंतिम चरण पर है। शहर में नौ दिनों तक अम्बे की भक्ति की धारा बहेगी और हर कोई माता के दर्शन व पूजन के लिए कतारों में खड़ा नजर आएगा। इसलिए इस त्यौहार को खास बनाने के लिए देवी मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है।

वहीं विभिन्न समितियों द्वारा भी दुर्गाोत्सव के लिए तैयारियों जोर-शोर से किया जा रहा है। पंडालों का काम लगभग पूरा हो चुका है। जिन समितियों द्वारा पहले नवरात्र से पूजा अर्चना की जाती है, वहां सजावट के साथ सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
झांकी देखने लोग पहुंचेंगे पंडाल-दुर्गोत्सव के साथ ही झांकियों से माता के दरबार को आकर्षक रुप दिया जाएगा। दुर्गोत्सव के दौरान शहर में झांकी सजाई जाएगी। इसमें एक से बढ़कर एक झांकी होगी। झांकियों को देखने के लिए लोग काफी संख्या में पंडाल में पहुंचेंगे। इसलिए पुलिस व प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सजग है।

वैष्णो देवी गुफा का कर रहे निर्माण

मध्यनगरीय सेवा समिति द्वारा इस वर्ष वैष्णो देवी गुफा के तर्ज पर पंडाल बनवाया जा रहा है। पंडाल को गुफा का रूप देने कोलकाता से कलाकार आए हुए हैं। दिन रात पंडाल बनाने कलाकार मशक्कत कर रहे हैं। इसके अलावा सरगुजा सेवा समिति, जय स्तंभ चौक, नव जागरूक सेवा समिति, दुर्गा बाड़ी, पुराना बस स्टैंड स्थित भंडार में भी अलग-अलग रूप में पंडालों का सजावट किया जा रहा है।

मूर्ति को दे रहे हैं अंतिम रूप

मूर्ति कलाकार नवरात्र को ध्यान में रखते हुए अब प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। माता के प्रतिमाओं की सजावट पूर्ण करने के साथ ही आंखों का काम सहित श्रंगार का काम कलाकार कर रहे हैं। मूर्ति बनाने में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का भी कलाकार ध्यान रख रहे हैं।
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सूरज राजपूत Desk/Reporting
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