समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में नाराजगी, ऑफिसरों की इस लापरवाही से लैप्स हो गए 50 लाख रुपए

समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में नाराजगी, ऑफिसरों की इस लापरवाही से लैप्स हो गए 50 लाख रुपए

Ram Prawesh Wishwakarma | Publish: Apr, 17 2019 12:20:35 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 12:20:36 PM (IST) Ambikapur, Surguja, Chhattisgarh, India

शिक्षकों के वेतन के लिए अधिकारी अब फिर से बजट आने का कर रहे इंतजार, शिक्षकों में बढ़ता ही जा रहा रोष

अंबिकापुर. प्रदेश के नई सरकार ने अपने घोषणा पत्र में बचे शिक्षाकर्मियों का संविलियन करने का वादा किया था। वादा पूरा करने की बात तो दूर अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है। 250 शिक्षाकर्मियों के वेतन के लिए आबंटित 50 लाख रुपए की राशि भी लैप्स हो गई और बैंक द्वारा जनपद कार्यालय अंबिकापुर को चेक वापस कर दिया गया।

अब जनपद कार्यालय बजट का इंतजार करने की बात कह रहा है। जबकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षाकर्मियों के वेतन की राशि शासन स्तर पर यूआरडी कोड जनरेट नहीं करने व जनपद के किसी भी कर्मचारी के बैंक में नहीं पहुंचने की वजह से लैप्स हो गई।


शिक्षाकर्मियों के संघर्ष को देखते हुए प्रदेश की पूर्व सरकार ने 8 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों के संविलियन करने का आदेश दिया था। आठ वर्ष से कम समय पूर्ण करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन तकनीकी कारणों से नहीं किया जा सका।

ऐसे शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा चुनाव से पूर्व कांग्रेस सरकार ने की थी लेकिन संविलियन की घोषणा तो दूर उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है। पिछले दो माह से अंबिकापुर जनपद कार्यालय के अंर्तगत पदस्थ लगभग २५० शिक्षाकर्मियों को निर्धारित समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।

जनपद कार्यालय द्वारा शिक्षाकर्मियों का वेतन जारी करने हेतु चेक तो जारी कर दिया गया लेकिन इसके बाद बैंक जाकर जानकारी लेना भी जरूरी नहीं समझा। इसका नतीजा यह हुआ कि बिना वेतन बंटे ही बैंक में जमा राशि लैप्स हो गई। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि वेतन रीलिज के लिए शासन स्तर पर यूआरडी कोड जनरेट कर इसे जारी किया जाता है।

इसी आधार पर वेतन संबंधित कर्मचारियों के खाते में डाला जाता है। लेकिन यहां न ही यूआरडी कोड जनरेट किया गया और न ही वेतन जारी कराने हेतु कोई कर्मचारी बैंक पहुंचा। इसकी वजह से लगभग 50 लाख रुपए लैप्स हो गए।


लापरवाही का नतीजा समय पर नहीं मिल रहा है वेतन
जानकारी के अनुसार जनपद कार्यालय में नियुक्त संविदा कर्मचारियों की वजह से समय पर वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। संविदा कर्मचारी कार्यालय में अंगद की तरह पांव जमाए बैठे हैं। वेतन जारी करने के नाम पर शिक्षाकर्मियों को परेशान करना उनकी फितरत हो गई है। फिर चाहे ऐसे शिक्षाकर्मियों के घर में चुल्हा जले या न जले।


चेक में गलत नाम अंकित कर भेज देते हैं बैंक
पिछले माह शिक्षाकर्मियों के लिए माह के अंत में वेतन जारी किया गया था। बैंक अधिकारियों के अनुसार जनपद कार्यालय से जो चेक जारी किया गया था, उसमें सीईओ जनपद पंचायत अंबिकापुर अंकित था। जबकि उसमें बैंक का नाम अंकित होना था, ताकि बैंक द्वारा आसानी से राशि आहरित किया जा सके। इसकी जानकारी होने के बावजूद अधिकारी समय पर बैंक नहीं पहुंचे थे।


पंचायत मंत्री का गृहक्षेत्र में वेतन के लिए भटक रहे हैं शिक्षाकर्मी
अंबिकापुर पंचायत मंत्री का गृहक्षेत्र है। उनके गृहक्षेत्र में यह स्थिति है कि उनके विभाग के कर्मचारियों को वेतन के लिए भटकना पड़ रहा है। मार्च माह का वेतन लैप्स होने पर अधिकारियों द्वारा अब आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार करने की बात की जा रही है। इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को होने के बावजूद उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


बजट मिलते ही जारी किया जाएगा वेतन
यूआरडी कोड जनरेट नहीं होने की वजह से शिक्षाकर्मियों का वेतन जारी नहीं हो सका है। जल्द ही बजट मिलते ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।
रामानंद राहा, वेतन प्रभारी जनपद कार्यालय अंबिकापुर

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