संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति को राज्य सरकार ने हटाया, धारा 52 के तहत कार्रवाई, ये है कार्रवाई का आधार

Vice chancelor removed: विश्वविद्यालय के 10 वर्ष के इतिहास में अक्षम प्रशासन, शैक्षिक परिवेश में अकुशलता को लेकर जारी हुई अधिसूचना

By: rampravesh vishwakarma

Published: 06 Jan 2020, 04:47 PM IST

अंबिकापुर. संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के तीसरे कुलपति प्रोफेसर रोहिणी प्रसाद पर धारा 52 लागू हो चुकी है। विश्वविद्यालय के 10 वर्षों के इतिहास में अक्षम प्रशासन, शैक्षिक परिवेश में अकुशलता को लेकर ये अधिसूचना जारी हुई है। ऐसे में राज्य सरकार ने उन्हें कुलपति के पद से हटा दिया है।


संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कार्यकलापों, कुप्रशासन, अव्यवस्था, समन्वय की कमी, आंतरिक विवाद, शैक्षिक वातारवरण का अभाव, विश्वविद्यालय की गरिमा, विश्वसनीयता की गिरावट को देखते हुए प्रदेश के राज्यपाल के नाम से अधिसूचना जारी हुई है।

अधिसूचना में कहा कि गया है कि विश्वविद्यालय के हितों का उपाय किये बिना विश्वविद्यालय अधिनियम 1973, (क 22 सन् 1973) के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के हितों के अनुसार उपबंधों को लागू करना अनिवार्य हो गया है।

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति को राज्य सरकार ने हटाया, धारा 52 के तहत कार्रवाई, ये है कार्रवाई का आधार

छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 (क 22 सन् 1973) की धारा 52 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार निर्देश करते है कि अधिनियम की धारा 13, 14, 23 से 25 तक 40, 47, 48, 54 तथा 68 के प्रावधान, तृतीय अनुसूची के उपान्तरणों को अध्यधीन रहते अधिसूचना को लागू किया जाए।

अधिसूचना 3 जनवरी 2020 से लागू है। विश्वविद्यालय के कुलाधिपाति, राज्यपाल के नाम से जारी आदेश को उप सचिव जीएन सांकला ने प्रेषित किया है।

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति को राज्य सरकार ने हटाया, धारा 52 के तहत कार्रवाई, ये है कार्रवाई का आधार

कमिश्नर ने की थी कुलपति के शिकायतों की जांच
कमिश्नर ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मुख्यमंत्री को दो माह पूर्व एक रिपोर्ट भेजा था। रिपोर्ट में आर्थिक अनियमितता, शारीरिक शोषण सहित कई मामले थे। जांच से संतुष्ट नहीं होने के बाद मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग विस्तृत जांच कर रिपोर्ट मांगा था। कमिश्रर ने 20 दिसम्बर 2019 से जांच कराई थी।

सरगुजा कमिश्नर ईमिल लकड़ा ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक जांच रिपोर्ट 15 दिसम्बर को भेजी थी। उन्होंने अपने रिपोर्ट में लिखा था कि प्रो. रोहिणी प्रसाद के सरगुजा में रहने से विश्वविद्यालय व उससे संबद्ध कॉलेजों में कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है।

कमिश्नर ईमिल लकड़ा ने राज्य शासन के निर्देश पर जांच की थी। कमिश्नर की जांच टीम में उपायुक्त महावीर राम, ट्रेजरी ऑफिसर, एकाउंट अधिकारी व कमिश्नर कार्यालय के स्टेनो शामिल थे।

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rampravesh vishwakarma Desk
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