Weather Report: सन् 1990 के बाद मई में यहां दूसरी बार सर्वाधिक बारिश का बना रिकॉर्ड

Weather Update; 2 मई से ही बदला हुआ है मौसम (Weather), आए दिन हो रही है बारिश तथा तेज हवाओं (Heavy wind) के साथ कई जगहों पर गिरे ओले (Hail)

By: rampravesh vishwakarma

Published: 12 May 2021, 12:00 PM IST

अम्बिकापुर. लगातार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अंबिकापुर सहित सरगुजा के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात हल्की हवा व मेघ गर्जना के साथ अ'छी खासी बारिश (Rain) हुई। इस वर्ष मई माह 2021 की बात करें तो अंबिकापुर में 2 मई से मौसम (Weather) खराब चल रहा है।

हर एक-दो दिन पर बारिश हो रही है। मई महीने में औसत वर्षा 10.6 मिमी दर्ज की गई है। 1990 के बाद मई 2021 में सर्वाधिक बारिश हुई है। मई माह के पहले सर्वाधिक बारिश का वर्ष 1990 में 101.0 मिमी, 2018 में 40.5 मिमी, 1998 में 34.0 मिमी हुई थी।

इस वर्ष के बारिश के आंकड़े पर नजर डालें तो 3 मई 2021 को 4.2 मिमी, 4 मई को 6 मिमी, 6 मई को 0.4 मिमी, 7 मई 5.2 मिमी, 8 मई 6.7 मिमी, 11 मई 19.4 मिमी वर्षा हुई है। कुल 41.9 मिमी वर्षा हुई जो 1990 के बाद सर्वाधिक दूसरा मई पूर्वार्ध का रिकार्ड है। (Ambikapur Weather report)

यह भी पढ़ें: मॉनसून की दस्तक से पूर्व इस शहर में आधे घंटे तेज हवाओं के साथ जमकर हुई बारिश- देखें Video


मौसम जानकार एमएम भट्ट ने बताया कि मई माह की एक तिहाई अवधि गुजर चुकी है और इसका पूर्वार्ध आगामी चार दिनों के अंतराल में गुजर जाएगा। मई का महीना मौसमी दृष्टि से खासा उथल- पुथल का महीना होता है।

इधर जहां उत्तर भारत में वायुदाब कम रहता है और भारत के इस छोर से पछुआ हवाएं लगातार आक्रमण करती हैं वहीं सुदूर दक्षिण भारत के अंडमान सागर या अंतिम छोर इंदिरा प्वाइंट के उस पार ऑस्ट्रेलिया के समुद्र पर उ'च वायुदाब क्षेत्र विकसित हो कर हिन्द महासागर के रास्ते दक्षिणी गोलार्ध से भारत की ओर तीव्रता से अग्रसर होने लगता है।

दक्षिण का उ'च वायुदाब क्षेत्र इतना शक्ति प्राप्त कर लेता है कि वह पश्चिम से आने वाली पछुआ हवाओं को आगे बढऩे से रोक देता है। मानसून के आगाज के साथ पछुआ कमजोर पड़ जाता है और अगले चार माह के मानसून अवधि तक भारत में विशेष प्रभाव या खलल नहीं डाल पाता।

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का सरगुजा में दिखा असर, 3 डिग्री पहुंचा छत्तीसगढ़ के शिमला में पारा

इस समय में मौसम चक्र परिवर्तन की गतिविधियां आकार लेने लगीं हैं। पछुआ इस सत्र के अपने अंतिम प्रभाव के साथ बार बार व्यवधान उत्पन्न कर रहा है। अब दक्षिण भारतीय सागरों के वायुदाब उत्तरोत्तर वृद्धि की ओर हैं जो मानसून के संकेत हैं। मई के उत्तरार्ध में इसके अनुकूल प्रभाव दिखने लगेंगे तथा पछुआ क्रमश: कमजोर होता जाएगा।


न्यूनतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा
मई के पूर्वार्ध की स्थिति में तापमान (Temperature) पर नजर डाला जाए तो इस वर्ष अम्बिकापुर नगर का औसतन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम का उ'चतम 38.4 डिग्री सेल्सियस 2 मई को रहा। अधिकतम का न्यूनतम 32.3 डिग्री सेल्सियस 8 मई को रहा। मई के पूर्वार्ध में न्यूनतम तापमान 24.2डिग्री सेल्सियस रहा। वर्तमान वर्ष में आज की स्थिति में औसत न्यूनतम 22.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

weather report
Show More
rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned