दरिंदगी की हद : पति, सौतन व 2 देवरों ने चारपाई से बांधकर हंसिए से दागा, फिर प्राइवेट पार्ट में डाल दी मिर्च

पति ने चरित्र शंका पर पहली पत्नी व दो भाइयों के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम, भागकर पीडि़ता बहन के घर पहुंची

By: rampravesh vishwakarma

Published: 10 Feb 2018, 07:37 PM IST

अंबिकापुर. बलरामपुर जिले के ग्राम करमडीहा में मंगलवार की रात पति ने अपनी दूसरी पत्नी को पहली पत्नी व दो भाइयों के साथ मिलकर चारपाई से बांध दिया। इसके बाद उन्होंने उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद उन्होंने गर्म हंसिए से उसे कई जगह दाग दिया। दरिंदगी यही खत्म नहीं हुई, फिर उन्होंने उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्च का पाउडर डाल दिया। महिला दर्द से कराहती हुई बेहोश हो गई।

इसके बाद आरोपियों ने रस्सी खोल दी। अलसुबह होश में आने के बाद वह किसी तरह अंबिकापुर स्थित अपनी बड़ी बहन के घर पहुंची और घटना बताई। पीडि़ता की बहन ने इलाज के लिए शनिवार को उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की सूचना गांधीनगर पुलिस को भी दी गई है।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बसंतपुर थानांतर्गत ग्राम करमडीहा निवासी दिलीप कुमार कनौजिया पहले से ही शादीशुदा था। पहली पत्नी के कोई संतान नहीं होने पर उसने वर्ष २००२ में भगवानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बरती निवासी 14 वर्षीय किशोरी से शादी की। उससे उसके 3 बच्चे भी हैं। अब वह 30 साल की हो चुकी है। शादी के बाद से ही सौतन व पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था।

लीलावती ने इसकी शिकायत पूर्व में ही बसंतपुर थाने में की थी। इसके बाद से कुछ दिनों तक ठीक से चल रहा था। मंगलवार की रात चरित्र शंका पर उसके पति, सौतन गोहमती बाई, देवर मंदेश व राजेन्द्र ने मिलकर महिला को चारपाई में रस्सी से बांधकर बेदम पिटाई की। इसके बाद हंसिया गर्म कर लीलावती के शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया।

इसके बाद भी मन नहीं भरा तो दरिंदों ने महिला के प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर डाल दिया। इससे दर्द से तड़पकर वह बेहोश हो गई। बेहोश होने पर उसे चारपाई से खोलकर सभी अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। बुधवार की अलसुबह 4 बजे जब उसे होश आया तो वह जंगल के रास्ते गांव के मुख्य मार्ग तक पहुंची और एक बस में सवार हो गई। वह किसी तरह अंबिकापुर के गांधीनगर निवासी बड़ी बहन के घर पहुंची।

बहन ने एक प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराकर दो दिनों तक उसे अपने घर में ही रखा। शनिवार को जब चचेरी बहन पहुंची तो उसने पीडि़ता की हालत देखकर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। बहनों ने घटना की जानकारी मोबाइल से गांधीनगर थाने को दी। पुलिस उनका बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।


बस कंडक्टर ने दिखाई मानवता
पीडि़ता जब बस में बैठी थी, इसी दौरान उसका पति भी वहां पहुंच गया और खोजने लगा। महिला की हालत को देखकर कंडक्टर मामले को समझ गया और महिला को सीट के नीचे छिपा दिया। वही उसके पति को उसने यह कह दिया कि कोई महिला बस में नहीं चढ़ी है। कंडक्टर ने महिला को बतौर मदद सौ रुपए भी दिए।


14 वर्ष की उम्र में हुई थी शादी
लीलावती के माता-पिता बचपन में ही गुजर गए थे। लीलावती जब 14 वर्ष की थी तब दिलीप ने उससे शादी कर ली थी। शादी के बाद से कुछ दिनों तक ठीक-ठाक चला। इसके बाद पति व सौतन द्वारा आए दिन मारपीट व विवाद किया जाता था। लीलावती ने मारपीट की शिकायत पूर्व में बसंतपुर थाने में भी की थी।

rampravesh vishwakarma Desk
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