गोठान में बटेर पालन कर बिक्री कर रहीं है महिलाएं, हो रही अतिरिक्त आमदनी

Quail: स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए बटेर पालन बना आजीविका का साधन, मल्टी एक्टिविटी सेंटर (Multi activity center) के रूप में कलक्टर द्वारा गोठान को किया जा रहा विकसित

By: rampravesh vishwakarma

Published: 24 Dec 2020, 11:03 PM IST

अंबिकापुर. अंबिकापुर जनपद के आदर्श गोठान (Adarsh Gothan) केशवपुर में देवी स्व सहायता समूह की महिलाएं बटेर पालन को आजीविका का साधन बना अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहीं है। बटेर बेचकर महिलाओं को पहली बार में 5 हजार रुपये की आमदनी हुई है।

समूह की सदस्य आरती यादव ने बताया कि बटेर पालन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा भी मार्गदर्शन दिया जाता है।


महिला ने बताया कि बटेर के अंडों से चूजा निकलने के 45 दिन बाद बटेर वयस्क हो जाता है जिसके बाद बिक्री शुरू हो जाती है। प्रति बटेर 60 रुपये की दर से बिक्री किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गांव की अपेक्षा शहर से अधिक ग्राहक आते है। समूह की एक और सदस्य राजेश्वरी यादव ने बताया कि गोठान बनने से आजीविका की गतिविधियां निरंतर संचालित हो रही हैं जिससे रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोठान में सब्जी की खेती भी की जा रही है।

अभी गोभी और बैगन लगाया जा रहा है। इसके साथ ही हल्दी और अदरक की खेती भी की गई है। उन्होंने बताया कि गोठान में अब तक करीब 50 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री हो गई है।


मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में किया जा रहा विकसित
उल्लेखनीय है कि कलक्टर संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में केशवपुर गोठान को मल्टी एक्टिविटी सेन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां नेपियर घास, गेंदा फूल की खेती, बटेर पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, सब्जी की खेती, वर्मी कंपोस्ट निर्माण का कार्य समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।

rampravesh vishwakarma Desk
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