America: President Election के समय Cyber Attack का खतरा, FBI ने जारी किए Guidelines

HIGHLIGHTS

  • अमरीकी प्रशासन ( US Administration ) को राष्ट्रपति चुनाव ( Presidential Election ) के दौरान साइबर हमले ( Cyber Attack ) का डर सताने लगा है। यह साइबर हमला मतदान ( Voting ) के समय प्रक्रिया को रोक सकता है।
  • अमरीका चुनाव ( America Election ) के दौरान किसी भी तरह के साइबर अटैक की आशंका के मद्देनजर जांच एजेंसी FBI और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ( Ministry of Internal Security ) ने प्रांतीय सरकारों के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

By: Anil Kumar

Updated: 02 Aug 2020, 11:33 PM IST

वाशिंगटन। कोरोना महामारी ( Corona Epidemic ) के बीच अमरीका में आगामी 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव ( America Presidential Election ) होने वाले हैं और इसको लेकर जहां एक ओर अमरीकी प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर सियासी दल चुनावी कैंपने में लगे हुए हैं। लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आई है, जो अमरीकी प्रशासन ( US Administration ) और सियासी दलों को परेशानी में डाल सकता है।

दरअसल, अमरीकी प्रशासन को राष्ट्रपति चुनाव के दौरान साइबर हमले ( Cyber Attack ) का खतरा सताने लगा है। यह साइबर हमला मतदान ( Voting ) के समय प्रक्रिया को रोक सकता है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि किसी विदेशी सरकार की ओर से मतदान को प्रभावित करने के लिए नहीं बल्कि किसी सिरफिरे अपराधी के द्वारा यह हमला किया जा सकता है।

Cyber attack : US में बराक ओबामा, एलन मस्क, बेजोस, बिल गेट्स समेत नामी हस्तियों के ट्विटर हैंडल हैक

आपको बता दें कि 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने का आरोप रूस ( Russia US Election Cyber Attacks ) पर लगा था। ऐसी रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें ये कहा गया था कि रूस ने ट्रंप के समर्थन में चुनाव को प्रभावित करने के लिए छेड़छाड़ की है। हालांकि रूस ने हमेशा से इससे इनकार किया है और जब इसकी जांच हुई और म्यूलर रिपोर्ट सामने आई तो उसमें भी ये कहा गया कि रूस की ओर से चुनाव को प्रभावित करने के कोई साक्ष्य नहीं है।

सुरक्षा एजेंसी FBI ने जारी किए दिशानिर्देश

अमरीका चुनाव के दौरान किसी भी तरह के साइबर अटैक को रोकने के लिए जांच एजेंसी FBI और आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ( Ministry of Internal Security ) ने प्रांतीय सरकारों के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इन दिशानिर्देशों में साफ तौर पर बताया गया है कि यदि हमला होता है तो कैसे उससे बचा जा सकता है। न्याय विभाग के उप सहायक अटॉर्नी जनरल एडम हिक्की ( Deputy Assistant Attorney General Adam Hickey ) ने कहा है कि नेटवर्क से छेड़छाड़ कर मतों में बदलाव कर देना ज्यादा मुश्किल नहीं है। चुनाव के दौरान इसी बात का सबसे ज्यादा खतरा रहेगा।

Australia: पीएम मॉरिसन ने सबसे बड़ा Cyber Attack का किया दावा, विवादों के बीच चीन पर गहराया शक

आपको बता दें कि हाल के समय में पूरी दुनिया में रैंसमवेयर अटैक ( Ransomware Attack ) यानी कि एक खास मकसद के लिए किया गया साइबर हमला की घटनाएं काफी बढ़ी है। लिहाजा ऐसे में तमाम देशों के लिए खतरा बढता ही जा रहा है। साइबर अपराधी इस तरह के हमला कर डाटा की चोरी कर उसे जाम कर देते हैं और फिर फिरौती मांगते हैं। ऐसे में ये आशंका जाहिर की जा रही है कि अमरीकी चुनाव के दौरान भी ऐसे हमले हो सकते हैं।

मालूम हो कि पिछले महीने ही अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ( Former US President Barack Obama ) समेत बिल गेट्स, एलन मस्क, बेजोस जैसी बड़ी हस्तियों के ट्वीटर अकाउंट को हैक कर लिया गया था।

Anil Kumar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned