America: डॉक्टर ने जिंदा लड़की को गलती से घोषित कर दिया मृत, अब परिवार ने ठोका 3.66 अरब का मुकदमा

HIGHLIGHTS

  • Woman Declared Dead Found Alive: अमरीका के मिशिगन राज्य में डेट्रॉयट के एक उपनगरीय इलाके में एक जिंदा महिला को मृत मृत घोषित कर दिया गया।
  • महिला के परिवार वालों ने 50 मिलियन डॉलर (करीब 3 अरब 66 करोड़ रुपये) का मुकदमा दायर किया है।
  • पीड़ित महिला के परिवार के वकील ने कहा कि ब्यूचैंप सेरेब्रल पाल्सी यानी मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में काफी समस्या हो रही थी।

By: Anil Kumar

Updated: 09 Oct 2020, 03:52 PM IST

वाशिंगटन। आपने अक्सर सुना होगा या देखा होगा कि कई बार पीड़ित व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मौत हो जाती है। इसके बावजूद परिवार वालों को यकीन होता है कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर इनकी जान बचा लेगा, लेकिन फिर बाद में डॉक्टर पेशेंट को मृत घोषित कर देता है।

हालांकि कई बार डॉक्टरों से भी भूल होती है और जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर देते हैं। इस तरह की खबरें आपने जरूर सुनी होगी। अब ऐसा की एक मामला अमरीका से सामने आया है। दरअसल, अमरीका के मिशिगन राज्य ( Michigan City ) में डेट्रॉयट के एक उपनगरीय इलाके में एक जिंदा महिला को मृत मृत घोषित कर दिया गया। जिसको लेकर गुरुवार को महिला के परिवार वालों ने 50 मिलियन डॉलर (करीब 3 अरब 66 करोड़ रुपये) का मुकदमा दायर किया है।

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पीड़ित महिला के परिवार के वकील ने उपनगरीय डेट्रॉयट के एक समुदाय और इसके पहले उत्तरदाताओं में से चार के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया है। इनमें माइकल स्टॉर्म, स्कॉट रिकार्ड, फिलिप मुलिगन और जेक क्रोल के नाम शामिल हैं। स्टॉर्म, रिकार्ड, मुलिगन और क्रोल ने अपने लाइसेंस निलंबित किए जाने से रोकने के लिए पिछले महीने संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया था।

डेट्रोइट में अमरीकी जिला अदालत में अटॉर्नी जियोफ्रे फीगर ने दायर मुकदमे की घोषणा करते हुए कहा कि 20 वर्षीय टिमहा ब्यूचैंप को एक बॉडी बैग में रखा गया था। उन्हें उसी बैग में बिना ऑक्सीजन के 4 घंटे तक छोड़ दिया गया, जिससे उनके मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अभी ब्यूचैंपा की हालत गंभीर बनी हुई है।

मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित हैं ब्यूचैंप

पीड़ित महिला के परिवार के वकील ने कहा कि ब्यूचैंप सेरेब्रल पाल्सी यानी मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में काफी समस्या हो रही थी। इसको लेकर 23 अगस्त को उनके परिवार ने 911 पर कॉल कर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को बुलाया था। सूचना पर आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियनों और पैरामेडिक्स उनके साउथफील्ड स्थित घर पर पहुंचे।

इसके बाद साउथफील्ड अस्पताल के एक डॉक्टर ने ब्यूचैंप को बिना देखे अपने पहले रिस्पॉन्डर की रिपोर्ट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया। फर्स्ट रिस्पॉन्डर ने डॉक्टर को टेलीफोन पर यह बताया कि 30 मिनट से मरीज में कोई हरकत नहीं है और उसमें जीवन के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।

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इसके एक घंटे बाद भी ब्यूचैंप को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया, जब तक कि डेट्रॉयट में कोल फ्यूनरल होम (अंतिम संस्कार गृह) ने 911 को फोन किया। राज्य ने कहा कि अंतिम संस्कार गृह कर्मचारियों ने साउथफील्ड के उनके घर में शव को उठाते समय उसके सीने को हिलते देखा था। अब साउथफील्ड फायर चीफ जॉनी मेनिफे ने कहा है कि पूरे मामले की जांच हो रही है। इससे पहले अगस्त में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि ब्यूचैंप 'लाजरस सिंड्रोम' की वजह से जीवित हो गई होगी।

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