दलाई लामा ने तिब्बतियों की मजबूत इच्छाश​क्ति का 60 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया: पेलोसी

- अमरीकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर हैं नैंसी पेलोसी
- भारत में शरण लिए 60 वर्ष हो जाएंगे दलाई लामा को
- कहा, हर वर्ष 10 मार्च को अमरीकी उन लोगों की बहादुरी को याद करते हैं

By: Mohit Saxena

Updated: 10 Mar 2019, 09:10 AM IST

वाशिंगटन। अमरीकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने शनिवार को अपने एक बयान में धर्मगुरु दलाई लामा के संघर्ष को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु ने तिब्बती लोगों की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतिनिधित्व किया है। वह तिब्बती लोगों की आवाज बनकर उभरे हैं। पेलोसी ने कहा कि 2019 में दलाई लामा को भारत में शरण लिए 60 वर्ष हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सभी तिब्बतियों को शांति, उम्मीद और समृद्धि के साथ रहने की आजादी नहीं मिलती है, अमरीकी संसद कदम उठाती रहेगी।

क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाई थी

प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष ने कहा कि तिब्बती लोगों ने 60 वर्ष पहले चीनी सरकार के दमन और क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाई थी। पेलोसी ने कहा कि हर वर्ष 10 मार्च को अमरीकी उन लोगों की बहादुरी को याद करते हैं। साथ ही अमरीकी तिब्बती लोगों के मानवाधिकारों और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने के वादे को दोहराता है। उन्होंने कहा कि दलाई लामा कई दशकों से तिब्बती लोगों की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

गौरतलब है कि चीन दलाई लामा को एक अलगाववादी बताता है जो तिब्बत को चीन से अलग करना चाहते हैं, लेकिन 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए गए दलाई लामा का कहना है कि वह तिब्बतियों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता और स्वायत्तता समेत अधिक अधिकार चाहते हैं।

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