यहां अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ता है दस दिन का इंतजार, लोग बोले- कलंक है जीना

यहां अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ता है दस दिन का इंतजार, लोग बोले- कलंक है जीना

Shweta Singh | Publish: Dec, 06 2018 03:47:47 PM (IST) अमरीका

लोग अपने परिजनों और संबंधियों का अंतिम संस्कार करने के बजाय उनके शरीर को दफनाना बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

काराकास। महंगाई हमारे जिंदगी पर हर तरह से असर डालती है। सिर्फ जीते जी नहीं मरने के बाद भी महंगाई लोगों के जीवन पर भी असर डालती है। ऐसा ही कुछ मामला वेनेजुएला से सामने आ रहा है। वहां हालात ऐसे बन चुके हैं कि मरने के बाद लोगों की अंतिम विदाई भी ढंग से नहीं की जा सकी है।

प्राकृतिक गैस उपलब्ध न होने के कारण करना पड़ा इंतजार

वहां की एंजेलिका वेरा नाम की लड़की अपने पिता की मृत्यु के बाद उनके शरीर को दफनाना चाहती थी, क्योंकि वहां महंगाई के कारण अंतिम संस्कार से जुड़ी गतिविधियों की कीमतें इतनी महंगी थीं कि वो उसके खर्चे उठाने के समर्थ नहीं थी। लड़की के पिता की मृत्यु नवंबर में कैंसर की वजह से हुई थी। लेकिन कब्रिस्तान प्रबंधन ने भी दफनाने की प्रक्रिया से इनकार कर दिया, क्योंकि उनके पास इसके लिए जरूरी प्राकृतिक गैस उपलब्ध नहीं था। लड़की की मजबूरी थी की वो गैस की आपूर्ति होने तक अपने पिता के अवशेषों को वहीं मुर्दा में छोड़ भी नहीं सकती थी, क्योंकि वहां गुजरा हर एक्सट्रा दिन का खर्चा उसके न्यूनतम मजदूरी से भी अधिक है। बता दें कि एक ओपेक राष्ट्र होने के चलते दुनिया में कुछ सबसे बड़े ऊर्जा भंडारों में से एक होने के बाद भी वहां इस वक्त प्राकृतिक गैस की सप्लाई में बेहद कमी है।

कलंक से कम नहीं यहां की जिंदगी

अब उसके पास एक ही विकल्प उपलब्ध था कि वो अपने पिता का मृत शरीर एक अप्रत्यक्ष साधारण श्मसान में ही दफना दे, जो आमतौर पर ऐसे ही अज्ञात शवों के लिए आरक्षित होता है। इस बारे में बताते हुए पेशे से कैशियर ये 27 वर्षीय लड़की ने कहा,'मेरे पिता की मृत्यु हुई और मैं अपना फर्ज भी पूरा नहीं कर पाई क्योंकि मेरे पास इतने पैसे भी नहीं थे। हम जिस तरह से रह रहे हैं वो कलंक से कम नहीं है।'

ये रास्ता भी इतना आसान नहीं

आपको बता दें कि वेनेजुएला में लोग अपने परिजनों और संबंधियों का अंतिम संस्कार करने के बजाय उनके शरीर को दफनाना बेहतर विकल्प मान रहे हैं। वहां के तेल इंडस्ट्री में गड़बड़ी के बाद नागरिकों को गैस के लिए घंटों लाइन लगाना पड़ रहा है। इसके चलते रसोई गैस की सप्लाई में कमी आ रही है, साथ ही अपनो को अंतिम विदाई देने में भी ये आपूर्ति रोड़ा बनी हुई है। इसलिए ये रास्ता भी इतना आसान नहीं है। लोगों को इसके लिए दस-दस दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।

Ad Block is Banned