येरूशलम पर ट्रंप के फैसले का समर्थन कर सकते हैं कई देश

Pradeep kumar Pandey

Publish: Dec, 08 2017 11:47:31 (IST) | Updated: Dec, 08 2017 11:50:56 (IST)

America
येरूशलम पर ट्रंप के फैसले का समर्थन कर सकते हैं कई देश

येरुशलम को इजराइल की राजधानी की मान्यता मिलने के फैसले को कई और देशों ने अनुसरण करने का मन बनाया है।

वाशिंगटन। येरुशलम को इजराइल की राजधानी की मान्यता मिलने के फैसले को कई और देशों ने अनुसरण करने का मन बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले के बाद कई अन्य देशों के भी ऐसा करने की योजना बनाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

व्हाइट हाउस को इस बारें में नहीं जानकारी
हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि कितने देश ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सैंडर्स ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का अनुसरण करते हुए कई अन्य देश भी ऐसा कर सकते हैं लेकिन उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

ट्रंप के इस फैसले का अभी तक हो रहा था कड़ा विरोध
आपको बता दें की अभी तक इस फैसले पर ट्रंप का कड़ा विरोध हो रहा था। मुस्लिम जगत, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय यूनियन ही नहीं अमरीका के हर फैसले में साथ रहने वाले ब्रिटेन और सऊदी अरब ने भी इस बार इस फैसले पर नाराजगी जताई है। यही नहीं इस फैसले के बाद ट्रम्प के खिलाफ हिंसा भी भड़कने की खबरें भी आयी थी। ब्रिटेन ने इस बारे में कहा है कि ट्रंप के फैसले से शांति प्रयासों में सहायता नहीं मिलेगी तो वहीं सऊदी अरब ने निंदा करते हुए इसे अन्यायिक और गैर जिम्मेदाराना कहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने भी फैसले की निंदा की थी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी बुधवार को कहा कि वह ऐसे किसी भी तरह के फैसले के खिलाफ हैं, जिससे इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति की संभावना खतरे में पड़े। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, यह फैसला केवल दोनों तरफ के लोगों द्वारा शांति, सुरक्षा, आपसी पहचान के साथ येरुशलम को इजरायल और फिलिस्तीन की राजधानी बनाने के दृष्टिकोण के साथ ही संभव है और साथ ही स्थायी तौर पर सभी अंतिम समाधान बातचीत से ही लागू किया जाना चाहिए। जिससे दोनों तरफ के लोगों की आकांक्षा पूरी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में, मैं अपनी ताकत का इस्तेमाल इजरायल और फिलिस्तीन के नेताओं को अर्थपूर्ण समाधान निकालने में मदद करने के लिए करूंगा।

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