Kenosha Shooting: अश्वेत को गोली मारे जाने पर America में भड़का हिंसक प्रदर्शन, जानिए पूरा मामला

HIGHLIGHTS

  • अमरीका ( America ) के विस्कॉन्सिन शहर ( Wisconsin City ) में पुलिस द्वारा एक अश्वेत नागरिक ( Balck Citizen ) के गोली मारे जाने से हिंसा भड़क गई है।
  • गुस्साए लोग अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन ( Protest ) कर रहे हैं। गाड़ियों को तोड़ा गया है और कगई जगहों पर आगजनी की गई है।

By: Anil Kumar

Updated: 25 Aug 2020, 04:59 PM IST

वाशिंगटन। अमरीका ( America ) में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव ( Presidential Election ) होने वाले हैं उससे पहले एक बार फिर से पूरे अमरीका में व्यापक हिंसक प्रदर्शन ( Protest In America ) शुरू हो गया है। अफ्रीकी-अमरीकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd Death ) की पुलिस कस्टडी में हुई मौत को लेकर शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अमरीका के विस्कॉन्सिन शहर ( Wisconsin City ) में पुलिस द्वारा एक अश्वेत नागरिक के गोली मारे जाने से हिंसा भड़क गई है।

प्रदर्शनकारी इस घटना के खिलाफ भड़क गए हैं और सार्वजनिक रूप से आगजनी और दंगों का दौर एक बार फिर से शुरू हो गया है। गुस्साए लोग अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। गाड़ियों को तोड़ा गया है और कगई जगहों पर आगजनी की गई है।

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शहर में बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। हालांकि स्थिति पर अभी भी काबू नहीं पाया जा सका है। बीते दो दिनों में स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि नेशनल गार्ड ( National Gaurd ) को बुलाना पड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, विस्कॉन्सिन स्टेट के केनोशा शहर में रविवार को एक हिंसा की घटना को लेकर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शाम के करीब 5 बज रहे थे। घटना स्थल पर पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस ने 29 साल के अश्वेत जैकब ब्लेक ( Police Shot Jacob Blake ) को पीछे से गोली मार दी।

अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक जैकब को सात बार गोली मारी गई। जैकब को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी स्थित गंभीर बनी हुई है। इस घटना को लेकर पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा और भी भड़क गया है।

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फायरिंग की इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया ( Social Media ) पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ये दिखाई दे रहा है कि जैकब ब्लेक को दो पुलिस अधिकारी गिरफ्तार करके गाड़ी के अंदर बिठा रहे हैं और पीछे तीन पुलिस अफसर पिस्टल ताने हुए हैं। इसी बीच एक पुलिस अधिकारी गोली चला देता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने गोली चलने की आवाज 7 बार सुनी। इस वीडियो में जैकब सफेद शर्ट और काले रंग के शॉर्ट्स पहने हुए दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग विस्कॉन्सिन के केनोशा शहर के काउंटी पब्लिक सेफ्टी ( Kenosha County Sheriff ) बिल्डिंग में पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने 'नो जस्टिस-नो पीस' के नारे लगाए। देखते ही देखते आस-पास के तमाम दूसरे राज्यों और शहरों में भारी विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। केनोशा में हजारों की संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी, तो मकानों की खिड़कियां भी तोड़ दी।

मामले की जांच शुरू

आपको बता दें कि रविवार को हुई इस घटना के बाद भड़की हिंसा के मद्देनजर सोमवार की सुबह से ही पूरे शहर में आपातकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है। अब इस पूरे घटना की जांच केनोशा के काउंटी डिप्टी शेरिफ कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गोली चलाने वाले दोषी एक पुलिस अधिकारी को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है। अब केनोशा राज्य का आपराधिक जांच विभाग मामले की तफ्तीश में जुटा हुआ है। 30 दिनों के भीतर उन्हें अभियोजक को घटना की रिपोर्ट देनी है।

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत से शुरू हुआ था बवाल

मालूम हो कि मई महीने में अफ्रीकी अमरीकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड ( George Floyd Death ) की पुलिस कस्टडी में मौत के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। ये घटना अमरीका के मिनेसोटा शहर में हुई थी। विरोध इतना व्यापक था कि देखते ही देखते अमरीका के तमाम बड़े शहरों में आगजनी और हिंसा की घटना सामने आने लगी। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रि भवन व्हाइट हाउस ( White House ) तक को घेर लिया था। हालात बेकाबू होते देख अमरीकी राष्ट्रपति को सेना बुलानी पड़ी।

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अब जब नंबर में चुनाव होने वाले हैं, तो एक बार फिर से अश्वेत पर हो रहे हमले को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है। विपक्षी दल के नेता ट्रंप प्रशासन पर तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ( Joe Biden ) ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।

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