अप्रवासियों को लेकर ट्रंप की सख्ती, मुश्किल में भारतीय

अप्रवासियों को लेकर ट्रंप की सख्ती, मुश्किल में भारतीय
donald trump

Jamil Ahmed Khan | Publish: Feb, 22 2017 10:00:00 PM (IST) अमरीका

अधिक गंभीर अपराधों को अंजाम देने वाले अवैध अप्रवासियों के साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा छोटी-मोटी चोरी को लेकर गिरफ्तार किए गए अवैध आप्रवासियों को भी निशाना बनाया जाएगा

वाशिंगटन। ट्रंप सरकार ने अवैध अप्रवासियों को अमरीका से निष्कासित कर उनके देश भेजने संबंधित दायर बढ़ाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। घरेलू सुरक्षा विभाग (डीएचएस) द्वारा मंगलवार को जारी दस्तावेजों से राष्ट्रपति के कड़े रुख का खुलासा हुआ है, जिसके तहत अवैध अप्रवासियों द्वारा किए गए अपराधों को प्रचारित करना, अवैध अप्रवासियों को गोपनीयता की सुरक्षा से वंचित करना, स्थानीय पुलिस अधिकारियों को अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार या हिरासत में लेने का अधिकार प्रदान करना, नए हिरासत केंद्रों की स्थापना, शरण मांगने को हतोत्साहित करना और अंतत: निर्वासन में तेजी लाना शामिल है। इन कड़े दिशा-निर्देशों का असर करीब 3 लाख भारतीयों पर पड़ सकता है।

अधिक गंभीर अपराधों को अंजाम देने वाले अवैध अप्रवासियों के साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा छोटी-मोटी चोरी को लेकर गिरफ्तार किए गए अवैध आप्रवासियों को भी निशाना बनाया जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रपट के मुताबिक, दस्तावेज में अधिक से अधिक सीमा कर अधिकारियों तथा सीमा सुरक्षा एजेंटों की भर्ती करना, एक कार्यक्रम का विस्तार करना, जो घरेलू सुरक्षा मंत्री जॉन केली को अधिक शक्तियां प्रदान करता हो, अमरीका-मेक्सिको की सीमा पर दीवार का निर्माण करना तथा शरणार्थियों को निकटवर्ती देशों में भेजने की बातें शामिल हैं।

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा कि नए दिशानिर्देश से आम निर्वासन की स्थिति नहीं पैदा होगी, बल्कि इससे कानून लागू करने वाले अधिकारी सशक्त होंगे। उन्होंने कहा,

राष्ट्रपति चाहते थे कि इन एजेंसियों में शामिल अधिकारियों को कार्रवाई करने की पूरी आजादी मिले। हिल पत्रिका के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का जो दृष्टिकोण था, उससे यह दिशानिर्देश पूरी तरह अलग है। ओबामा की एकमात्र नीति इस दस्तावेज में शामिल है, और वह है डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल, जो अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए बच्चे को ठहरने की अनुमति प्रदान करती है।

लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा है कि यहां तक कि डीएसीए को भी अंत में खत्म किया जा सकता है, क्योंकि राष्ट्रपति ने कठोर रवैया अपनाने को कहा है। डीएचएस के अधिकारियों ने संवाददाताओं से कहा है कि दिशानिर्देश ज्ञापन देश तथा आव्रजन अधिकारी के रूप में काम करने के लिए स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सशक्त करने की संघीय सरकार की क्षमता में इजाफा करता है। अधिकारियों ने कहा है कि नीतियां मौैजूदा कानून को और मजबूत करती हैं तथा इससे तत्काल सभी अवैध आप्रवासियों का निर्वासन नहीं होगा।
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